IMF की रिपोर्ट में हुआ खुलासा: पीएम गरीब अन्न योजना ने गरीबों की संख्या नहीं बढ़ने दी

वैसे तो कोरोनाकाल में भारत सरकार के द्वारा शुरू की गई कई योजनाओं का लोहा समूचे विश्व ने माना था लेकिन इसी क्रम में अब गरीबों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराने वाली प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना यानी PMGKAY को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष यानी IMF  ने एक रिपोर्ट पेश की है जिसमें दावा किया गया है कि इस योजना के चलते देश में गरीबों की संख्या नहीं बढ़ी है।

2019 के बराबर है गरीबी का निचला स्तर

रिपोर्ट की माने तो ये अनुमान 2004-05 से महामारी वर्ष 2020-21 तक के दिये गये हैं। इसमें कहा गया है, ‘अत्यधिक गरीबी महामारी-पूर्व वर्ष 2019 में 0.8 प्रतिशत के निचले स्तर पर थी। गरीबों को मुफ्त अनाज देने की योजना ने महामारी से प्रभावित वर्ष 2020 में भी इसे निचले स्तर पर बरकरार रखने में महत्वपूर्ण भूमिक निभाई। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना यानी PMGKAY की शुरुआत मार्च, 2020 में की गयी थी। इसके तहत केंद्र सरकार हर महीने प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज मुफ्त उपलब्ध कराती है। यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत काफी सस्ती दर दो रुपये और तीन रुपये किलो पर उपलब्ध कराये जा रहे अनाज के अतिरिक्त है।

सितंबर 2022 तक चलेगी योजना

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना सितंबर, 2022 तक बढ़ा दिया गया है। जिसके तहत गरीब लोगों को अनाज फ्री मिलता रहेगा। इसके अनुसार, महामारी के प्रभाव से निपटने के सरकार के उपाय अत्यधिक गरीबी को बढ़ने से रोकने को लेकर महत्वपूर्ण थे। खाद्य सुरक्षा कानून के 2013 में अमल में आने के बाद से सस्ती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था तथा आधार के जरिये इसके और बेहतर तरीके से क्रियान्वयन से गरीबी कम हुई है। इसमें कहा गया है कि गरीबी पर सब्सिडी समायोजन का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। डाक्यूमेंट के अनुसार, ‘मापी जाने वाली वास्तविक असमानता कम होकर अपने निचले स्तर के करीब पहुंच गयी है। वर्ष 1993-94 में यह 0.284 थी जो 2020-21 में 0.292 पर पहुंच गई।

कोरोना काल के वक्त जिस तरह के हालात खड़े हुए उससे देश को उबारने में मोदी सरकार ने जो प्रयास किये ये उसका ही नतीजा है कि आज भारत फिर से तेजी के साथ विकास के रास्ते दौड़ने लगा है। वैसे ये रिपोर्ट उन लोगों के मुंह पर तमाचा भी है जो कोरोनाकाल के वक्त मोदी सरकार के खिलाफ भ्रम पैदा करके देश में माहौल बिगाड़ना चाहते थे।