गणतंत्र दिवस स्पेशल: मोदी को चुना तो मुमकिन हुआ

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पुरे देश में कल 71वां गणतंत्र दिवस धूम-धाम से मनाया गया। दिल्ली के राजपथ पर एक बार फिर देश और दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता की झलक देखी। गणतंत्र दिवस के परंपरागत समारोह के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्र ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित थे।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय समर स्मारक पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह का शुभारंभ अमर जवान ज्योाति के बजाय राष्ट्रीय समर स्मारक पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के लिए अपना जीवन बलिदान करने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और राष्ट्रीय गान गाया गया तथा 21 तोपों की सलामी दी गई।

देश में गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुछ ऐसे भी उदाहरण सामने आये है, जहाँ पहली बार तिरंगा झंडा फहराया गया और परेड की सलामी ली गयी:

1. केरल की मस्जिदों में पहली बार गणतंत्र दिवस पर फहराया गया तिरंगा झंडा

गणतंत्र दिवस के मौके पर रविवार को केरल में पहली बार वहां की मस्जिदों में तिरंगा झंडा फहराया गया और उसके परिसरों को सफेद, हरे और केसरिया रंग से सजाया गया।

केरल स्टेट वक्फ बोर्ड ने इससे पहले कहा था कि गणतंत्र दिवस के मौके पर केरल में सभी मस्जिदो में राष्ट्रीय झंडा फहराया जाएगा और भारतीय संविधान की प्रस्ताना पढ़ी जाएगी ताकि “राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा” दिया जा सके।

ये सब ऐसे वक्त पर हुआ है जब नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) पर केरल समेत देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन होता रहा है। केरल ने सीएए के खिलाफ कैंपेन में अहम भूमिका निभाई है।

इससे पहले महीने की शुरुआत में, केरल विधानसभा ने सबसे पहले सीएए के खिलाफ प्रस्तावना पास किया। केरल की ऐसी पहली सरकार है जिसने सीएए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट हलफनामा दायर किया है।

आपको बता दें कि मोदी सरकार ने 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में उत्पीड़न का शिकार हुए अल्पसंख्यकों यानी हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के वहां से भारत आए लोगों को नागरिकता देने के लिए नागरिकता संशोधन अधिनियम बनाया है।

2. स्थापना के 50 साल बाद JNU में गणतंत्र दिवस पर NCC की पहली परेड

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार को धूमधाम से गणतंत्र दिवस का आयोजन किया गया। अपनी स्थापना के 50 साल पुरे हो जाने के बाद गणतंत्र दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय में पहली बार छात्रा एनसीसी कैडेट ने कुलपति एम जगदीश कुमार को सलामी दी। गौरतलब है की जेएनयू में पिछले वर्ष से ही छात्राओं के लिए एनसीसी की शुरुआत की गई है। एनसीसी का 15 सदस्यीय पहला बैच रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित परेड में शामिल हुआ।

जानकारी के मुताबिक, जेएनयू में पहली बार गणतंत्र दिवस पर परेड का आयोजन किया गया था, जिसकी कमान छात्रा एनसीसी कैडेड ने संभाली। इस परेड के बाद जेएनयू कुलपति ने संबोधित करते हुए कहा कि, ‘जेएनयू में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान एनसीसी कैडेट्स की 15 महिलाओं द्वारा दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर न सिर्फ एक विश्वविद्यालय के तौर पर हमारे लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बाहर भी एकता और अनुशासन का संदेश भेजता है।’ साथ ही उन्होंने कहा, ‘हमें अपने कैडेट्स पर गर्व है’ ।

 


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