रेपो रेट 0.25% घटा; RBI ने लगातार रिकॉर्ड 5वी बार घटाया रेपो रेट

RBI Governor Shaktikanta Das

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को रेपो रेट में 0.25% कटौती का ऐलान किया। रेपो रेट से जुड़े सभी तरह के कर्ज अब सस्ते हो जाएंगे। आरबीआई ने लगातार 5वीं बार रेपो रेट घटाया है। अगस्त में 0.35% की अप्रत्याशित कटौती की थी। इससे पहले तीन बार रेट 0.25-0.25% घटाया था। इस साल रेपो रेट 1.35% कम हुआ है। शुक्रवार की कटौती के बाद इसकी दर 5.40% से घटकर 5.15% रह गई। यह मार्च 2010 के बाद सबसे कम है।

Repo rate decreased by 0.25%

अक्टूबर का निर्णय मुख्य रूप से वैश्विक और घरेलू अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए लिया गया फैसला है।

खास बात ये है की सरकारी बैंकों को भी कर्ज और सेविंग की व्याज दरों में 0.25% की ही कटौती करनी पड़ेगी, क्योंकि सरकार ने 1 अक्टूबर से व्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ दिया है। नए कर्ज धारको को इससे तुरंत लाभ मिलेगा, लेकिन पुराने कर्ज धारको को 1 जनवरी के बाद राहत मिलेगी। इससे पहले बैंक अपनी सुविधा के अनुसार दरों में कटौती करते थे, जिससे ग्राहकों को रेपो रेट में कटौती का पूरा फायदा नहीं पहुँच पता था। जायदातर एक्सपर्ट दिसम्बर में होने वाली समीक्षा बैठक में भी 0.15% की कटौती की सम्भावना जता रहे है ।

एक साल में रेपो रेट 1.35% घटा चुका है, लेकिन बैंकों ने कर्ज की व्याज दरों में सिर्फ 0.35%से 0.60% की कटौती की है। अब रेट कट का उतना ही फायदा ग्राहकों तक पहुँचाना होगा, जितना आरबीआई से बैंकों को मिला है। सरकारी बैंकों की व्याज दरें घटेगी परिणामस्वरूप प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए निजी बैंकों को भी दरें कम करनी पड़ेगी। एसबीआई अब 30 लाख रूपये तक के लोन पर महिलाओं से 7.90% और पुरुषों से 7.95% व्याज लेगा।

आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष (2019-20) के लिए आर्थिक विकास दर का अनुमान घटाकर 6.1% कर दिया। पिछली बार 6.9% ग्रोथ का अनुमान जारी किया था। जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए खुदरा महंगाई दर का अनुमान 3.1% से बढ़ाकर 3.4% किया है। हालांकि, चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) में खुदरा महंगाई दर 3.5% से 3.7% के बीच रहने का अनुमान बरकरार रखा।

पॉलिसी समीक्षा की बड़ी बातें:

• RBI ने दरों में 0.25 फीसदी की कटौती की
• रेपो रेट 0.25 फीसदी घटकर 5.15 फीसदी हुआ
• रेपो रेट 5.40 फीसदी से घटाकर 5.15 फीसदी किया
• रिवर्स रेपो रेट 0.25 फीसदी घटकर 4.90 फीसदी
• सीआरआर (CRR) 4 फीसदी पर स्थिर है
• FY20 GDP ग्रोथ अनुमान घटाकर 6.1 फीसदी किया
• FY20 GDP ग्रोथ अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी
• MPC के 5 सदस्य 0.25 फीसदी की कटौती के पक्ष में थे
• पॉलिसी पर MPC का नरम रुख जारी रहेगा

क्या होता है रेपो रेट

रेपो रेट वो रेट या ब्याज दर है, जिस पर आरबीआई कमर्शियल और दूसरे बैंकों को लोन देता है। रेपो रेट कम होने का मतलब यह है कि आरबीआई से बैंकों को मिलने वाला लोन सस्ता हो जाएगा। ऐसे में इसका फायदा आम लोगों को भी मिल सकता है। रेपो रेट कम हाने से होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन की ब्याज दरों में भी कमी आती है।