ट्रेन में सफर करने वालों के लिये राहत भरी खबर, राजधानी, शताब्दी सहित कई ट्रेनो में मिलेगी केटरिंग सर्विस

ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। रेलवे ने राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, तेजस और गतिमान एक्सप्रेस ट्रेनों में पके हुए खाने के साथ एक बार फिर केटरिंग सर्विस शुरू करने का फैसला किया है। इस बात की जानकारी रेलवे बोर्ड ने दी है। इस मामले में सभी संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि मामले को अच्छे से परखा गया है और ट्रेनों में फिर से खाना दिया जाएगा।

SMS और ई-मेल से दी जाएगी जानकारी

आईआरसीटीसी संबंधित जोनल रेलवे को उस सटीक तारीख के बारे में सूचित करेगा, जब से एआरपी के भीतर आने वाली यात्रियों के लिए विशेष ट्रेन में भोजन से जुड़ी सेवाएं फिर से शुरू की जाएंगी। यात्री अपने मन मुताबिक वेबसाइट पर जाकर खाना बुक कर सकेंगे। इसके लिए वेबसाइट पर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी आईआरसीटीसी को सलाह दी गई है कि वह एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से ई-टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को केटरिंग सेवा शुरू होने की जानकारी दे। ठीक इसी तरह जोनल रेलवे उन यात्रियों को एसएमएस के जरिए इसकी जानकारी देगा, जिन्होंने पीआरएस के माध्यम से टिकट बुक किया है।

वेबसाइट पर दिया जाएगा विकल्प

पहले से बुक किए गए टिकटों के लिए, आईआरसीटीसी अपनी वेबसाइट पर खानपान से जुड़ी सेवाओं का विकल्प चुनने और अडवांस में भुगतान करने की सुविधा प्रदान करेगा। यह सुविधा ई-टिकट के साथ-साथ काउंटर टिकट यात्रियों के लिए भी उपलब्ध होगी। उन यात्रियों के लिए, जिन्होंने पहले से ही ऑनलाइन बुकिंग कर ली है और इसका विकल्प नहीं चुना है, वह भी उपलब्धता के आधार पर ट्रेन में पका हुआ खाना मांग सकते हैं। बस इसके लिए उन्हें पैसे देने होंगे। टिकट चेक करने वाला स्टाफ कीमतों की अप्रूव्ड लिस्ट के आधार पर केटरिंग सेवा के पैसे लेगा।

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कोरोना के कारण बंद हुई थी सेवा

भारतीय रेलवे ने कोरोना महामारी के दौरान ट्रेन में खाना देना बंद कर दिया था जो करीब 2 साल तक बंद रहा जिसके चलते यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। रेलवे ने ये निर्णय तब लिया है, जब महामारी से पहले वाले किराए की दर पर मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को फिर से पुराने नंबर के साथ यानी स्पेशल टैग हटाकर चलाए जाने का फैसला लिया गया। इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए ट्रेनों में खाना परोसने और किचन में खाना बनाने वालों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि हाइजीन का पूरा ध्यान रखा जा सके। आईआरसीटीसी एक ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया है जो ऑनलाइन होगा। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम से सभी वेंडर्स को जुड़ना है। गौरतलब है कि वेंडर, खाना बनाने वालों और उसे सर्व करने वालों की संख्या 18 हजार के करीब है। इन सभी को ट्रेनिंग दी जाएगी जिससे मुसाफिरों को कोई दिक्कत ना हो।

रेलवे का ये कदम उन लोगों के लिये बहुत राहत भरा है जो दूर का सफर ट्रेन से करते है क्योंकि खाना मिलना फिर से शुरू होने से कम से कम उन्हे बेहतर खाना तो मिल सकेगा।

 

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