CAA और ननकाना साहिब पर हमला – समझें कैसे जुड़े हैं इसके तार

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आगे पढ़ने से पहले जान लें कल शुक्रवार को पाकिस्तान के ननकाना साहिब में गुरूद्वारे पर कट्टरपंथी भीड़ द्वारा हमला और तोड़ फोड़ किया गया| साथ ही साथ सिखों को वहां से भागने और ननकाना साहिब का नाम बदल कर गुलाम अली मुस्तफा रखने की धमकी दी गयी|

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खोखले दावों के बीच दुनिया में सिखों के सबसे पवित्र स्थल पर ऐसी घटना का होना भारत में नागरिकता सुधार अधिनियम (Citizenship Amendment Act – CAA) जैसे कानून होने की जरुरत को और दृढ़ करती है|

उल्लेखनीय है कि देश भर में CAA के खिलाफ विपक्ष पोषित हिंसक प्रदर्शन हुए थे जिसमें इस नए नागरिकता सुधार कानून को अल्पसंख्यक (खास कर मुस्लिम) विरोधी बताया गया था| कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने CAA की प्रासंगिकता पर ही सवाल उठाया था|

पाकिस्तान में ननकाना साहिब की घटना को लेकर भारत के सिख समुदाय में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। सिखों ने ननकाना हमले के विरोध में शनिवार दोपहर दिल्ली और जम्मू में प्रदर्शन किए।

दिल्ली में इस हमले के विरोध में सिख समुदाय के लोग शनिवार दोपहर पोस्टर-बैनर के साथ सड़क पर उतरे। दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के सामने प्रदर्शन कर रहे सिख समुदाय के लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे अकाली दल नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सिख प्रदर्शनकारी हाई कमीशन को ज्ञापन देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान नो जो किया, बहुत ही निंदनीय है। पाकिस्तान में सिखों पर जो हमला हुआ और ननकाना साहिब के नाम को बदलने की जो धमकी दी गई, हम उसकी कड़ी निंदा करते हैं।“

मोदी 2.0 द्वारा अब तक किये गए सराहनीय कार्यों में से एक है नागरिकता सुधार अधिनियम, जिसके अंतर्गत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों के लिए भारत की नागरिकता के नियमों को आसान किया गया है|


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