सुषमा स्वराज के नाम दर्ज है ऐसे कीर्तिमान जिन्हें तोड़ना है मुश्किल, आइये जाने

Records of Sushma Swaraj

6 अगस्त की रात भारतीय राजनीती के लिए भयानक रात साबित हुई और इसके साथ ही देश ने अपने एक बहुत ही काबिल और सशक्त नेता सुषमा स्वराज को खो दिया | कार्डियक अरेस्ट के कारन सुषम स्वराज ने अपनी आखिरी सांसें दिल्ली के AIIMS अस्पताल में ली|

भारतीय राजनीती के काबिल चेहरों में एक चेहरा सुषमा स्वराज का भी | पेशे से वकील रही सुषमा के नाम भारतीय राजनीती में अनेकों कीर्तिमान उनके नाम पर दर्ज जिसे चाहकर भी भविष्य में कोई नहीं तोड़ पायेगा | आइये आपको बताते है सुषमा स्वराज के काबिलियत की कुछ उपलब्धियों और उनके नाम पर दर्ज कीर्तिमानों को |

देश की राजधानी दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री

साल 1998 में 12 अक्टूबर को सुषमा ने देश की राजधानी दिल्ली की पांचवी मुख्यमंत्री के साथ-साथ दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी | हालाँकि कुछ ही हफ़्तों बाद 3 दिसम्बर 1998 को उन्हें अपनी कुर्सी छोडनी पड़ी थी और उनके बाद ये कुर्सी लम्बे समय तक शिला दीक्षित के पास रही | पर बात ये है की कुर्सी जिसके पास भी जाये पहली महिला मुख्यमंत्री का ख़िताब तो स्वराज के पास ही रहेगा|

भाजपा से मुख्यमंत्री बनने वाली पहली महिला सदस्य

ये सच है की देश की राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री के तख़्त पर कुछ हफ़्तों के लिए सुषमा विराजमान हुई पर इस दौरान वो अपने पार्टी से मुख्यमंत्री बनने वाली पहली महिला सदस्य भी बन गयी | इनके बाद बीजेपी की वसुंधरा राजे (राजस्थान), उमा भारती (मध्य प्रदेश) और आनंदीबेन पटेल (गुजरात) को भी मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला |

देश की पहली महिला विदेश मंत्री जिन्होंने पूरा किया अपना कार्यकाल

साल 2014 में मोदी सरकार के पह्ले कार्यकाल में सुषमा को बतौर विदेश मंत्री नियुक्त किया गया और इसके साथ ही वो देश की पहली महिला विदेश मंत्री भी बनी जिन्होंने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया | इसके पहले इंदिरा गाँधी भी दो बार विदेश मंत्री चुनी गयी थी पर दोनों ही बार उनका कार्यकाल बेहद संछिप्त रहा | विदेश मंत्री रहने के दौरान स्वराज ने जनता के बीच काफी लोकप्रियता बटोरी | ट्विटर पर सबसे ज्यादा एक्टिव रहने और चंद मिनटों में जनता की परेशानियों को सुनना और समाधान करना, उनके इन कामो से ही वो जनता के और करीब आ गयी |

किसी भी सियासी दल की पहली महिला प्रवक्ता

पेशे से वकील होने की वजह से स्वराज वार्ता शैली में निपुण थी और बेहतरीन वक्ता के गुणों से शुमार थी | महिला होने के बावजूद किसी भी किसी भी बहस में अपने विरोधी पर भरी पड़ती थी स्वराज और उनके इसी काबिलियत के लिए उन्हें भारतीय जनता पार्टी का वक्ता नियुक्त किया गया था | और रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में किसी भी राजनितिक दल की पहली महिला वक्ता होने का कीर्तिमान भी स्वराज के नाम दर्ज है |

लोकसभा की पहली गैर कांग्रेसी महिला नेता प्रतिपक्ष

साल 2004 से 2009 तक सुषमा लोकसभा में बतौर नेता प्रतिपक्ष कार्यरत रही | उनके पहले इस पद पर पहुँचने वाली महिलाओं में कांग्रेस नेता सोनिया गाँधी का नाम है |

‎हरियाणा की यंगेस्ट मिनिस्टर

बीते राजनीती के आंकड़ों के अनुसार सुषमा ने मात्र 25 साल की उम्र में ही हरयान के मंत्रिमंडल में अपनी जगह बना ली थी और इसी के साथ यंगेस्ट मिनिस्टर का ख़िताब भी अपने नाम पर दर्ज कर लिया |

बीजेपी की पहली महिला कैबिनेट मंत्री

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी से कैबिनेट मंत्रालय में शामिल होने वाली पहली महिला नेता की उपलब्धि भी स्वराज को प्राप्त है और सूत्रों के अनुसार अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान स्वराज पहली बार बतौर सुचना एवं प्रसारण मंत्री कैबिनेट मंत्रिमंडल में नियुक्त की गयी थी |