2019 में रियल एस्टेट सेक्टर में 16 फीसदी बढ़ी बिक्री

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Real estate sector sales up 16 percent in 2019

देश में आर्थिक मंदी का दावा करने वाले कुछ लोगो के पास शायद एनारॉक की रिपोर्ट में बताये इस साल के बिक्री के आंकड़े देखने के बाद कोई जवाब न हो। आर्थिक मंदी की आशंका के बीच 2019 के शुरुआती नौ महीनों में देश के प्रमुख सात शहरों में 1.54 लाख करोड़ रुपये के मकान बिके। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 16 फीसदी ज्यादा है। पिछले साल इसी समयावधि में 1.33 लाख करोड़ रुपये के मकान बिके थे ।

संपत्ति सलाहकार एनारॉक की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी से सितंबर के बीच सात शहरों मुंबई महानगर क्षेत्र, एनसीआर, चेन्नई, बंगलूरू, हैदराबाद, पुणे और कोलकाता में करीब 2.02 लाख मकान बिके। 2018 के शुरुआती नौ महीनों में करीब 1.78 लाख मकानों की बिक्री हुई थी।

एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने बताया कि इस साल की पहली दोनों तिमाहियों के मुकाबले में तीसरी तिमाही में रियल एस्टेट क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, क्योंकि तीसरी तिमाही में मकानों की बिक्री में 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसका मुख्य वज़ह पितृपक्ष श्राद्ध के अलावा सबवेंशन स्कीम पर प्रतिबंध और लंबे मानसून सीजन को बताया जा रहा है। हालांकि, नौ महीनों में एनसीआर में मकानों की बिक्री में सुधार हुआ है, जो महत्वपूर्ण है।

मुंबई महानगर क्षेत्र शीर्ष पर

एनारॉक के रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल बिक्री के मामले में मुंबई महानगर क्षेत्र शीर्ष पर है। यहां 62,970 करोड़ रुपये के मकान बिके। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि के 47,240 करोड़ के मुकाबले 33 फीसदी अधिक है। हालाँकि मुंबई के बाद बंगलूरू दूसरे स्थान पर है, जहां 28,160 करोड़ के मकान बिके। लेकिन यह आंकड़ा 2018 के शुरुआती नौ महीनों के 30,310 करोड़ की तुलना में सात फीसदी कम है। पुणे में 17,530 करोड़ के मकान बिके, जो 13,275 करोड़ रुपये के मुकाबले 32 फीसदी अधिक है। इस साल पुणे में 31,380 मकान बिके।

एनसीआर में 15 फीसदी की तेजी

एनसीआर में 2019 के शुरुआती नौ महीनों में 24,860 करोड़ रुपये के मकान बिके। यह आंकड़ा 2018 की समान अवधि के 21,600 करोड़ के मुकाबले 15 फीसदी अधिक है। पुरी ने कहा कि यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल में मकानों की बिक्री के मामले में एनसीआर सबसे अधिक प्रभावित रहा है।

हैदराबाद में यह बिक्री दो फीसदी घटकर 9,400 करोड़ और चेन्नई में 13 फीसदी की गिरावट के साथ 5,580 करोड़ की रही। सात शहरों में चेन्नई में सबसे कम मकान बिके, इसके पीछे पानी की किल्लत भी एक वज़ह हो सकती है, जहाँ भारत में सबसे अधिक ग्राउंड वाटर की कमी इस वर्ष चेन्नई में देखी गयी है। कोलकाता में 2019 के शुरुआती नौ महीनों में 5,850 करोड़ रुपये के मकान बिके।

तीसरी तिमाही में 17 फीसदी घटी बिक्री

एनारॉक के रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की तीसरी तिमाही में मकानों की बिक्री 17 फीसदी घटकर 42,040 इकाई रह गई। जबकि समान अवधि में 2018 में 50,535 मकान बिके थे।

• बंगलूरू में बिक्री में सबसे अधिक 45 फीसदी की गिरावट रही और 7,540 करोड़ के मकान ही बिके।
• एमएमआर में यह बिक्री 18,585 करोड़ से घटकर 17,300 करोड़ पर आ गई।
• पुणे में 5,035 करोड़ के मुकाबले 4,775 करोड़ के मकान बिके।
• हैदराबाद में 31 फीसदी की गिरावट के साथ 2,350 करोड़ के मकान बिके।
• एनसीआर में यह बिक्री 13 फीसदी घटकर 6,745 करोड़ रुपये रही।
• चेन्नई में 10 फीसदी और कोलकाता में 29 फीसदी की गिरावट रही।
• इन शहरों में क्रमश: 1,620 करोड़ और 1,710 करोड़ रुपये के मकान बिके।

 


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