ड्रैगन के बदले सुर जांच के लिये हुआ तैयार

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चालबाज कहे या जालसाज,पूरी दुनिया को कोरोना की आग में जलाने वाला ड्रैगन समूचे विश्व के शिकंजे में कस रहा है। अपने आपको सही साबित करने में लगे चीन की हर साजिश नाकाम हो गयी हैं। मानव जाति के अस्तित्व पर इतना बड़ा संकट पहले कभी नहीं आया था। जो आज के वक्त में देखा जा रहा है। इस संकट का कारण चीन है अब इस बात पर धीरे धीरे मोहर लगने लगी है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इटली और भारत लंबे समय से चीन को बेनकाब करने की बात कर रहे हैं। दुनियाभर के दबाव के आगे चीन झुकने को मजबूर हो गया है और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कोरोना के उद्गम की जांच के संदर्भ में अहम बयान दिया है।

ड्रैगन के झूठ से उठा पर्दा

चीन के झूठ से अब पर्दा उटने लगा है। चीन पहली दिन से ही ये कहने में लगा हुआ था कि उसने कोरोना को रोकने के लिये विश्व में सही समय पर सही जानकारी दी लेकिन विश्व इस बात को लेकर चीन पर विश्वास नही कर रहा था हालाकि अब खुद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बोल रहे हैं कि उन्होंने इस महामारी को लेकर पहले दिन से ही काम किया है लेकिन इसके बाद भी दुनिया जांच करना चाहती है तो वो कर सकती है। हालाकि चीन ने माहामारी को छुपाने को लेकर कई तरह के आरोप लग रहे हैं इसमे अमेरिका फ्रांस और रूस के कुछ वैज्ञानिक तो ये भी कह रहे हैं कि ये वायरस चीन ने तैयार किया है न कि अपने आप इसका जन्म हुआ है। इन देशों का कहना है कि अगर इसकी जांच हो जाये तो उनके पास इसके पुख्ता सबूत भी हैं।

सहयोग के लिये चीन तैयार

इतना ही नही खुद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि हमने वो सभी प्रयास किए जो हम कर सकते थे जिनसे दुनिया के देशों की मदद हो सके, उन्होंने कहा कि चीन जांच में दुनिया को सहयोग करेगा, आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण में चीन की भूमिका पर स्वतंत्र जांच का प्रस्ताव है विश्व के कई देश लाने की बात कर चुके हैं। जिसके बाद चीन का कड़ा रुख अब ढ़ीला पड़ा है। यानी वो चीन जो हमेशा दुनिया में अपनी ताकत दिखाकर डराता रहता था वो आज दुनिया की हर बात मानने को तैयार हो रहा है। इससे ये साफ होता है कि चीन पर विश्व का किस तरह दवाब बन रहा है। वैसे चीन की दोगली नीति से सभी परिचित है इसलिये कई लोग इसे मगरमच्छ के आंसू भी बता रहे हैं। और अभी भी चीन से सावधान रहने की बात कर रहे हैं।

कोरोना काल में भी बेचा खराब माल

चीन की चालबाजी इससे ही पता चलती है जब दुनिया के सभी देश एक स्वर में कोरोना से लड़ने के लिये एक दूसरे कि मदद कर रहे थे तो चीन इसमे भी अपना आर्थिक हित खोज रहा था और इसके चलते चीन दुनिया में खराब पीपीई किट तो जांच की मशीन खराब सप्लाई कर रहा था, ऐसे कई मामले विश्व के कई देशो में सामने भी आये थे जैसे भारत, इटली फांस यहां पर उपयोग होने वाली पीपीई किट मानको पर खरी नही उतरी जिसके बाद इन्हें वापस भेज दिया गया। इतना ही नही अपने सबसे अच्छे दोस्त पाकिस्तान के साथ भी चीन ने छल करते हुए अंडरवियर के कपड़ो से तैयार मास्क को पाकिस्तान को सप्लाई कर दिया जिसके बाद चीन की गंदी सोच का खुलासा सबके सामने हुआ।

बहरहाल अब ऊंट पहाड़ के नीचे आ गया है। दुनिया का दबाव इस कदर चीन पर बना है कि वो ये समझ रहा है कि अगर उसने अपने रवइये में बदलाव नही किया तो आने वाले दिन उसके लिये बहुत मुश्किल भरे हो सकते हैं। लेकिन इसके बाद भी चीन से सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि चीन मतलब परस्त होने के साथ साथ धोखेबाज भी है।


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