मोदी ने कहा आरबीआई की घोषणाएँ देश की अर्थव्यवस्था मे मददगार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आरबीआई गवर्नर शक्तिकांता दास द्वारा किये गये घोषणाओं की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके द्वारा उठाये गये कदम देश की अर्थव्यवस्था को उपर ले जाने मे काफी मददगार साबित होंगी | उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इस से देश मे नकदी का प्रवाह होगा तथा छोटे कारोबारियों को काफी मदद मिलेगी | 

देश को मिलेगी मदद

इस संदर्भ में पीएम मोदी ने कहा कि आज आरबीआई ने जो ऐलान किए हैं, उससे देश को काफी मदद मिलेगी। देश में लिक्विडिटी बढ़ेगी और कर्ज की सप्लाई में सुधार आएगा। साथ ही छोटे और मझोले आकार के कारोबारों को मदद मिलेगी और गरीबों व किसानों के लिए भी ये कदम बेहतरी लाने का काम करेंगे। आगे उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकारों को भी इससे मदद मिलेगी। 

वित्त मंत्री ने भी बताया मददगार 

इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी आरबीआई की घोषणाओं को काफी बताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि कोरोना से जंग में आरबीआई के ऐलान सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी मेनटेन करने में मददगार साबित होंगे। 

मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा – अमित शाह

साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नाबार्ड को दी गई 25,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा से किसानों को मदद मिलेगी। SIDBI को 15,000 करोड़ रुपये की सहायता एमएसएमई और स्टार्टअप्स को वित्तीय स्थिरता प्रदान करेगा। इससे मेक इन इंडिया कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही एनएचबी को दी जाने वाली 10,000 करोड़ रुपये की मदद से भी अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा। 

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी की तारीफ 

जेपी नड्डा ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिये आरबीआई द्वारा उठाये गए कदमों से लोगों को आजीविका सुरक्षा में मदद मिलेगी, साथ ही नकदी प्रवाह एवं रिण आपूर्ति में वृद्धि होगी । नड्डा ने अपने ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है ताकि अर्थव्यवस्था को कोविड-19 के कारण उत्पन्न संकट से निपटने में मदद मिल सके ।

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते रिजर्व बैंक आर्थिक हालात पर लगातार नजर रखे हुये है और वह आर्थिक तंत्र में पर्याप्त नकदी बनाये रखने के लिये हर संभव कदम उठायेगा। केन्द्रीय बैंक ने इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर में 0.25 प्रतिशत कटौती कर उसे 3.75 प्रतिशत कर दिया। हालांकि, रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके साथ ही दास ने राज्यों पर खर्च के बढ़े दबाव को देखते हुये उनके लिये अग्रिम की सुविधा को 60 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।

 


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