म्यूचुअल फंड कंपनियों के लिये आरबीआई की संजीवनी

कोरोना संकट के चलते लगातार देश की अर्थव्यवस्था को कैसे बचाया जाये इसके लिये सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है तो दूसरी तरफ आरबीआई अर्थव्यवस्था की चाल को सरपट दौड़ाने के लिये बूस्ट टॉनिक देने में लगी है। इसी के चलते भारतीय रिजर्व बैंक ने म्यूचुअल फंड कंपनियों की मदद के लिए 50 हजार करोड की रकम की घोषणा की है।

 

आरबीआई की राहत बनेगी सौगात

जैसा कि हम जानते हैं, कोरोना संकट की वजह से आई मंदी के चलते खैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड कंपनी ने अपनी 6 बांड योजनाओं को बंद करने की घोषणा कर दी है। स्वाभाविक ही इसको लेकर सरकार से लेकर सभी नियामक एजेंसियां चिंतित हैं। आशंका यह है कि संकट अन्य म्यूचुअल फंड कंपनियों को भी अपने जद में ला सकती है। ऐसा हुआ तो यह पूरे वित्तीय बाजार ही नहीं‚ अनेक क्षेत्रों की फंडिंग व्यवस्था को चरमरा देगी। लेकिन आरबीआई के ठीक समय में लिये गये फैसले से अब निवेशकों ने राहत की सांस जरूर ली होगी। आरबीआई ने जो पैकेज की घोषणा की है उसे बैंको को दिया जायेगा जिससे म्यूचुएल फंड कंपनियो को आसानी से कर्ज मिल सकेगा और निवेशकों का पैसा बाजार में नही डूबेगा।

बाजार में नगदी की दिक्कत न हो

आरबीआई हो या मोदी सरकार दोनों की सबसे बड़ी चिंता  नगदी को लेकर है दोनों ही ये प्रयास में लगे हैं कि नगदी की दिक्कत अर्थ जगत के सामने न आये। इसके लिये जहां आरबीआई ने रेपो रेट  कम किया है तो दूसरी तरफ सरकार ने भी कई पैकेज की घोषणा की है। जिससे करोबारियों को नगदी की किल्लत न हो, बैंक सरल और कम किस्तो में कर्ज दे सके और रोजगार देश में पंख फैला सके।

बहरहाल कुछ लोग इसको लेकर अलोचना भी कर रहे हैं लेकिन वो लोग ये अच्छी तरह जानते हैं कि देश की आर्थिक हालात को कुछ इसी तरह से सुधारा जा सकता है। खुद पीएम मोदी ने इस बार जब जनता के साथ बात की तो उन्होने कोरोना काल में सबसे बड़ा सबक या संदेस यही दिया कि भारत को आत्मनिर्भर बनने का इससे अच्छा मौका नही मिलेगा। और ये बात सोलह आने सच भी है क्योंकि दुनिया की बाजार आज बुरी स्थिति में जबकि कई जानकार अभी भी भारत की अर्थवय्वस्था को बेहतर बता रहे हैं। कारण यहां की अर्थय्वस्था का मुख्य किसानी है जिसके दम पर हम अपनी अर्थव्यवस्था को बेहतर बना सकते हैं और बेहतर बना भी रहे हैं। लेकिन आने वाले दिनों में हमे अब निर्यातक की भूमिका में भी होना होगा। फिलहाल भारत और भारत की जनता इसके लिये पूरी तरह से तैयार हो गई है। और कमर कस ली है कि देश को हर सेक्टर में आगे ले जाएंगे। जिसमें मोदी सरकार और आरबीआई लोगों की  पूरी मदद कर रही है। जिसका असर जल्द ही दिखने भी लगेगा।