RBI ने दो नई स्कीम्स को किया लॉन्च, पीएम बोले योजना में पैसा लगाना सुरक्षित तो मिलेगा गारंटीड रिटर्न

कोरोना महामारी में भी देश दूसरे देशों की तुलना में आर्थिक तौर पर मजबूत बना रहा तो उसके पीछे का कारण पीएम मोदी की योजनाएं है जिनके चलते देश में आर्थिक मार थोड़ी कम पड़ती हुई देखी जा रही है। तो कोरोना कहर के बाद भारत आज आर्थिक मोर्चे पर तेजी से इसमें आगे निकल रहा है। इसी क्रम को और आगे बढ़ाने के लिये पीएम मोदी ने आरबीआई की दो नई स्कीम्स को लॉन्च की है। ये RBI रिटेल डायरेक्ट स्कीम और रिजर्व बैंक इंटिग्रेटेड ओंबड्समैन स्कीम हैं। देश में आम लोगों को निवेश का एक सुरक्षित और आसान जरिया मिलेगा। RBI रिटेल डायरेक्ट स्कीम के तहत, रिटेल निवेशक सरकारी सिक्योरिटीज में पैसा लगा सकेंगे। इससे उन्हें भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जारी सिक्योरिटीज में सीधे निवेश करने का एक नया जरिया मिलेगा। इस स्कीम के तहत, निवेशक आरबीआई के साथ, आसानी से सरकारी सिक्योरिटीज अकाउंट को ऑनलाइन मुफ्त में खोल सकते हैं।

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योजनाओं से निवेश के दायरे का विस्तार होगा- मोदी

लॉन्च के मौके पर, पीएम मोदी ने कहा कि इस महामारी के दौरान आरबीआई ने बहुत प्रशंसनीय काम किया है। उन्होंने कहा कि यह समय देश के विकास में बहुत अहम भूमिका रखता है। उन्होंने कहा कि इसमें आरबीआई की भूमिका भी अहम है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि आरबीआई इस पर खरा उतरेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि आरबीआई ने सामान्य लोगों की सुविधा को बढ़ाने के लिए, उन्हें ध्यान में रखते हुए लगातार अनेक कदम उठाए हैं। इस योजनाओं से निवेश के दायरे का विस्तार होगा। कैपिटल मार्केट को एक्सेस करना और आसान और सुरक्षित बनेगा। इससे सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश का सरल और सुरक्षित जरिया मिल गया है। इतना ही नही पीएम की माने तो वन नेशन और वन ओंबड्समैन ने साकार रूप लिया है। उनके मुताबिक, आप शिकायत का समाधान करने में कितने मजबूत हैं, यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी बात है।

सैलरी वाले व्यक्ति घर बैठे कर सकेंगे निवेश- मोदी

पीएम ने कहा कि जब वे वित्तीय समावेश की बात करते हैं, तो इसमें आखिरी व्यक्ति को भी हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन अकाउंट खोला जा सकता है, यह सैलरी वाले व्यक्तियों के लिए घर बैठे सुरक्षित निवेश का एक जरिया है। उन्होंने कहा कि ये निवेशक के सेविंग अकाउंट से भी लिंक होगा। उन्होंने कहा कि निवेश में आसानी, बैंकिंग व्यवस्था पर सामान्य लोगों का भरोसा बेहद जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा कि जो विल्फुल डिफॉल्टर्स पहले बाजार से खिलवाड़ करते थे, उनके लिए रास्ता बंद कर दिया गया है। छोटे बैंक का मर्जर करना समेत कई कदमों से बैंकिंग व्यवस्था में नई ऊर्जा लौट रही है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय में डिपॉजिटर्स की इनकम को देखते हुए कई फैसले लिए गए है।

इस बात से कोई इंकार नहीं करेंगा कि आज भारत भारत इनोवेशन का ग्लोबल पावरहाउस बन चुका है। ऐसे में फाइनेंशियल सिस्टम को विश्वस्तरीय बनाना जरूरी है जो लगातार मोदी सरकार बनाने में लगी हुई है।