अयोध्या में 24 मार्च को नए अस्थाई मंदिर में शिफ्ट होंगे रामलला

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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर सरगर्मियां तेज हो रही हैं। 6 दिसंबर 1992 के बाद से रामलला एक तंबू के नीचे विराजमान हैं। अब अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को लेकर शनिवार को बड़ा फैसला किया गया है। रामलला 24 मार्च को नए अस्थायी मंदिर में शिफ्ट होंगे। मंदिर निर्माण के लिए उन्हें वर्तमान स्थल से 150 मीटर दूर अस्थाई मंदिर का निर्माण कर वहां शिफ्ट किया जाना है। रामलला को दर्शन-पूजन के लिए तब तक अस्थाई मंदिर में रखा जाएगा, जब तक भव्य मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हो जाता। भव्य मंदिर बनाए जाने के बाद उनको वापस अपने स्थान पर विराजमान किया जाएगा। बता दें कि रामलला को टेंट से बाहर लाने का निर्णय ट्रस्ट की दिल्ली में हुई पहली बैठक में लिया गया था। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 4 अप्रैल को अयोध्या में होगी।

ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने इस बारे में कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी बैठक 4 अप्रैल को अयोध्या में ही होगी। राम नवमी के तुरंत बाद ट्रस्ट की बैठक आयोजित की जाएगी। 24 मार्च को रामलला नए अस्थायी मंदिर में शिफ्ट होंगे। रामलला को टाट के मंदिर से शिफ्ट करके फाइबर के बुलेटप्रूफ मंदिर में राम नवमी के पहले शिफ्ट कर दिया जाएगा। चैत्र राम नवमी के पहले दिन 25 मार्च से राम भक्त रामलला के नए मंदिर में दर्शन कर सकेंगे।

गौरतलब है कि विवादित ढांचा विध्वंस के बाद से रामलला मानस भवन के पास टाट के नीचे रखे गए थे। अब 27 साल बाद उन्हें यहां से शिफ्ट करके फाइबर के मंदिर में 24 मार्च को स्थापित कर दिया जाएगा। इस दिशा में काफी जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं।

मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने गठित किया था ट्रस्ट

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित ट्रस्ट की पहली बैठक करीब सवा दो घंटे चली थी। जिसमें महंत धीरेंद्र दास, स्वामी परमानंद जी महाराज, वासुदेवानंद जी महाराज, कामेश्वर चौपाल, अवनीश अवस्थी, महंत गोविंद देव जी महाराज प्रसन्ना समेत चंपत राय, महंत नृत्य गोपाल दास मौजूद रहे। ट्रस्ट की बैठक में अयोध्या के राजा विमलेंद्र मोहन मिश्र और जिलाधिकारी अनुज झा भी शामिल हुए थे।

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंचे

महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार के सौ दिन पूरे होने पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे शनिवार को अयोध्या पहुंचे। उद्धव ठाकरे ने भव्य राम मंदिर बनाने के लिए एक करोड़ रुपये देने का वादा भी किया। जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात भी हो सकती है। कहा जा रहा है कि उद्धव ठाकरे का अयोध्या दौरा, कांग्रेस से गठबंधन के बाद हिंदुत्व के एजेंडे को और असरदार दिखाने की कोशिश है। शिवसेना हमेशा मंदिर आंदोलन और रामलला के साथ रही है।

शिवसेना का कहना है कि हमने हमेशा माना है रामलला का भव्य मंदिर बने। इसमें सबकी आस्था रही है।

 


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