रामलला को अस्थायी मंदिर मे शिफ्ट करने की तैयारी जोरों पर – जयपुर मे बना 10 किलो चांदी का सिंहासन

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अयोध्या मे श्री रामलला को एक अस्थायी मंदिर मे शिफ्ट करने की तयारी जोर शोर से चल रही है | राम जन्मभूमि परिसर में जहां नए फाइबर के मंदिर में रामलला को शिफ्ट करना है, वहां शुद्धिकरण को लेकर अनुष्ठान किया गया। नया अस्थायी मंदिर तैयार हो गया है, जिसमें नवरात्रि के पहले दिन 25 मार्च को रामलला को टेंट में से निकालकर शिफ्ट किया जाएगा। रामलला के लिए जर्मन पाइन लकड़ी और कांच से अस्थायी मंदिर तैयार हो चुका है। इसमें चारों तरफ से बुलेटप्रूफ कांच लगा है |

शुद्धिकरण अनुष्ठान टेंट के मंदिर में जहां रामलला विराजमान है वहां और जहां उनको स्थापित करना है, दोनों स्थानों पर किया गया। इसमें करीब दो दर्जन विद्वान पंडित शामिल हुए, जिन्होंने पूरे विधि-विधान से अनुष्ठान करवाया। 25 मार्च को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नए अस्थाई मंदिर में श्री रामलला का अभिषेक करेंगे | 

रामलला  के लिये आया चांदी का सिंहासन

श्री रामलला विराजमान अपने नए अस्थाई मंदिर में 10 किलो चांदी के बने नए सिंहासन में विराजेंगे। इसके लिए सिंहासन जयपुर से बनकर आया है। यह सिंहासन अयोध्या के पूर्व राजपरिवार के उत्तराधिकारी बिमलेंद्र मोहन मिश्र श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट काे आज सौंपेंगे। सिंहासन उन्होंने ही बनवाया है। अभी रामलला लकड़ी के बने सिंहासन में 1992 में विराजमान हैं। ट्रस्ट की तरफ से सचिव चंपत राय इस सिंहासन को रिसीव करेंगे।

27 साल बाद टेंट से बाहर निकलेंगे रामलला 

27 साल बाद टेंट से बाहर निकलकर रामलला 25 मार्च को गुड़ी पड़वा के दिन सुबह अस्थाई मंदिर में विराजेंगे। इस प्रक्रिया को वैदिक रीति से पूरा करने की रस्में सोमवार सुबह से शुरू हो गईं। अस्थाई मंदिर और टेंट दोनों जगहों पर आचार्यों के दल पूजन करा रहे हैं। यह प्रक्रिया श्री रामलला के नए अस्थाई मंदिर में विराजने तक जारी रहेगी। 25 मार्च को तड़के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नए अस्थाई मंदिर में श्री रामलला का अभिषेक करेंगे। पूजन प्रक्रिया के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से 15 आचार्य मौजूद हैं। यह समारोह ज्यादा भीड़भाड़ में नहीं होगा।

 


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