रामलला के आराध्य शिव को प्रसन्न करके राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू  

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अयोध्या वो शहर जिसने कई इतिहास बनते और बिगड़ते देखे हैं, उस शहर ने आज वो देख लिया जिसको देखने के लिये युगों से इस शहर को प्यास थी जी हां भगवान राम की कृपा से आज अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण का काम शुरु कर दिया गया। इस काम को शुरू करने से पहले वही हुआ जो भगवान राम ने कभी लंका पर विजय से पहले किया था।

अयोध्या में रुद्राभिषेक के साथ राममंदिर निर्माण कार्य शुरू

जिस तरह से भगवान राम ने अत्याचारी रावण को मारने के लिए पहले समुद्रतट पर महादेव कुबेरेश्वर शिवलिंग की पूजा की थी ठीक उसी तरह राम जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्भाण से ठीक पहले संतो ने आज कुबेरेश्वर महादेव शिवलिंग पर रुद्राभिषेक किया। राम जन्मभूमि परिसर में 28 वर्षों के बाद आज कुबेर टीले पर स्थित शिवलिंग का रुद्राभिषेक किया गया। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने आज सुबह कुबेरेश्वर महादेव शिवलिंग पर रुद्राभिषेक किया। वैसे तो 11 मई से शुरू हुए समतलीकरण के दौरान प्राचीन भग्नावशेष प्राप्त हुए थे। इन अवशेषों में मंदिर के शिलाखंडों के साथ साढ़े फिट व्यास का शिवलिंग भी प्राप्त हुआ था। प्राप्त शिवलिंग एवं कुबेर टीला पर प्रतिष्ठित शिवलिंग हूबहू एक तरह के हैं। ऐसे में ये तय किया गया कि मंदरि का काम शुरू होने से पहले इस तरह की पूजा की जाये। फिर मंदिर निर्माण के दूसरे कार्य शुरू किये जाये।

चबूतरा बनने के बाद होगा भूमिपूजन

भूमिपूजन से पहले लगभग 1 महीना का अतिरिक्त समय मंदिर परिसर के लेवलिंग के लिए और चाहिए. साथ ही सबसे पहले राम चबूतरे से बराबरी में पूरे मंदिर क्षेत्र में कंक्रीट का बड़ा चबूतरा बनेगा। लगभग 12 फ़ीट की ऊंचाई वाले रामचबूतरा का निर्माण 1992 में कार सेवा से पूर्व मंदिर के ठीक सामने पूर्व दिशा में कराया गया था। अब उसी की बराबरी में सारे मंदिर निर्माण परिसर की ढलाई होगी। इस ढलाई में लोहे के सरिए का नहीं बल्कि पूरी तरह बालू,पत्थर और सीमेंट से बने कंक्रीट का इस्तेमाल होगा। एक बार चबूतरा बन जाने के बाद मंदिर निर्माण की प्रक्रिया और भूमिपूजन का काम आरंभ होगा। ट्रस्ट के सूत्रों का कहना है कि चबूतरा बनने के बाद मंदिर की निर्मित शिला को तांबे के जरिये आधार और बीम से चिपकाया जाएगा।

भूमिपूजन में PM को दिया जाएगा न्योता 

निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले होने वाले भूमिपूजन की तिथि अभी तय नहीं हो सकी है। लोगों की चाह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमिपूजन में शामिल रहें। लिहाजा पीएम की तारीख की उपलब्धता और पंचांग के शुभमुहूर्त का मिलान करके ही भूमिपूजन की तारीख निश्चित की जाएगी। प्रधानमंत्री को न्‍योता देने का जिम्मा महंत नृत्यगोपाल दास को दिया गया है

मंदिर के स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं

पहले इस बात को लेकर चर्चा हो रही थी कि मंदिर के मॉडल में परिवर्तन किया जा सकता है लेकिन अब ये तय कर दिया गया है कि ऐसा कुछ भी नही किया जायेगा। मंदिर के स्वरूप में कोई बदलाव नही किये जाएंगे और कारसेवकपुरम में जो मंदिर का मॉडल रखा है उसी के आधार पर मंदिर निर्माण का काम किया जायेगा। इसके साथ-साथ मंदिर की ऊँचाई भी उतनी ही रखी जायेगी जितना न्यास ने तय किया था यानी की 256 फीट के करीब।

भगवान राम की अब हम भक्तों पर कृपा हो गई है तभी तो मंदिर का निर्माण कार्य अब शुरू हो गया है। जिसके बाद भगवान राम मंदिर में विराजमान होंगे और भक्तों का कल्याण करंगे।


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