राफेल डील में प्रमुख भूमिका निभाने वाले राकेश कुमार सिंह भदौरिया बने IAF प्रमुख

Rakesh Kumar Chief of the Indian Air Force

एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने सोमवार को एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ से भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के 26 वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला। एयर मार्शल भदौरिया अब दो साल तक दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना के प्रमुख बने रहेंगे।

भदौरिया, जो वायु सेना उप प्रमुख के पद पर कार्यरत थे, पहले भारतीय वायुसेना के बेंगलुरु स्थित प्रशिक्षण कमान की कमान संभाल रहे थे। उप प्रमुख के रूप में, वह फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमान सौदे के लिए भारतीय वार्ता टीम के अध्यक्ष थे। देश में ही बने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के उडान परीक्षण केन्द्र की कमान भी वे संभाल चुके हैं।

भदौरिया वायु सेना के उन कुछ पायलटों में से एक है जिसने राफेल की उड़ान भरी है। जुलाई में, भारत और फ्रांस की वायु सेनाओं के बीच गरुड़ युद्धाभ्यास के दौरान, भदौरिया ने राफेल विमान उड़ाया था।

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के छात्र, भदौरिया को जून 1980 में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू दल में शामिल किया गया था और अपने बैच में पहले स्थान पर रहने के लिए प्रतिष्ठित ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ जीता था। एयर चीफ मार्शल भदौरिया 4000 घंटे से अधिक की उड़ान भर चुके हैं और 26 विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों का उन्हें अनुभव है। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मैडल, अति विशिष्ट सेवा मैडल और वायु सेना मैडल से सम्मानित किया जा चूका है ।

अपने लगभग चार दशकों के करियर के दौरान, भदौरिया ने जगुआर स्क्वाड्रन और एक प्रमुख वायु सेना स्टेशन की कमान संभाली है । उन्होंने ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) का उपयोग करके जगुआर विमान से बम ले जाने के लिए एक विधि तैयार की। यह विशेष रूप से 1999 में ऑपरेशन सफ़ेद सागर में जगुआर विमान की बमबारी की भूमिका के लिए प्रासंगिक था।