राज्यसभा ने रचा 250वें सत्र का इतिहास

सोमवार को भारत की संसद एक ऐतिहासिक मौके की गवाह बनी, जब संसद के उच्च सदन राज्यसभा में 250वें सत्र की शुरुआत हुई। 67 सालों के इतिहास में राज्यसभा ने कई इतिहास रचा हैं। इस मौके पर राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने राज्यसभा के 67 सालों के सफर पर एक पुस्तक ‘राज्यसभा: द जर्नी सिंस 1952’ जारी की है। इसमें आंकड़ों के माध्यम से राज्यसभा की कामयाबियों को दर्शाया गया है। राज्यसभा का गठन 1952 में हुआ था, संसद के इस उच्च सदन में 245 सदस्य होते हैं। बता दे कि राज्यसभा का पहला सत्र 13 मई 1952 को हुआ था।

Rajya Sabha created historyराज्यसभा से जारी पुस्तक के मुताबिक 67 सालों में राज्यसभा ने 3817 बिल पास किए हैं। इस दौरान राज्यसभा की 5466 बैठकें हुई। राज्य सभा ने पहला विधेयक द इंडियन टैरिफ (द्वितीय संशोधन विधेयक) के रूप में पारित किया था, जो आबादी के हिसाब से सांसदों की संख्या तय करने से संबंधित था। समाज सुधारों को आगे बढ़ाने वाला ऐतिहासिक स्पेशल मैरिज बिल भी 1954 में उच्च सदन से मंजूर हुआ। राज्यसभा में 120 बिलों में संशोधन किया गया और इसने संसद के निम्न सदन लोकसभा द्वारा पास 5 बिलों को खारिज कर दिया। राज्यसभा के 67 साल के इतिहास में भी महिलाओं की संख्या दोगुनी नहीं हो पाई है। 1952 में राज्यसभा में जहाँ महिलाओं की संख्या 15 थी वही वर्तमान में महिला सदस्यों की संख्या 25 हैं । राज्यसभा के इतिहास में सबसे लम्बे समय तक राज्यसभा के सांसद रहने का रिकॉर्ड डॉ महेंद्र प्रसाद के नाम है, वो कुल 7 बार राज्यसभा के सांसद रह चुके है।

राज्यसभा के ऐतिहासिक 250वें सत्र के अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के उच्च सदन को भारत के संघीय ढांचे की आत्मा करार दिया। पीएम मोदी ने कहा कि अनुभव कहता है कि संविधान निर्माताओं ने जो व्यवस्था दी है, वो बहुत उपयुक्त रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा जहां जमीन से जुड़ी है, वहीं उच्च सदन राज्यसभा दूर तक देख सकती है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बयान के हवाले से उन्होंने कहा कि राज्यसभा सेकंड हाउस है, सेकंडरी (गौण, महत्वहीन) नहीं और भारत के विकास के लिए इसे सपोर्टिव हाउस बने रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने एनसीपी और बीजू जनता दल (बीजेडी) की इसलिए तारीफ की कि उनके सांसद कभी वेल में नहीं जाते। पीएम मोदी ने कहा कि इन दोनों दलों से हम सभी को सीखने की जरूरत है, बीजेपी को भी। पीएम ने ऐसे वक्त एनसीपी की तारीफ की है जब महाराष्ट्र में सियासी हलचल काफी तेज है और पवार की पार्टी बीजेपी की पूर्व सहयोगी शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश में है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्थायित्व और विविधता राज्यसभा के खास पहलू हैं। उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा के 2 पहलू खास हैं- स्थायित्व और विविधता। राज्यसभा न भंग हुई है और न भंग होगी, इसलिए स्थायी है। अनेकता में एकता की सबसे बड़ी ताकत इस सदन में आती है।’