कोरोना काल में भी कमाई के मामले में रेलवे बनी अव्वल

कोविड काल में संक्रमण को रोकने के लिए ट्रेन समेत ट्रांसपोर्टेशन के सभी साधनों पर प्रतिबंध लगाने पड़े। बाकी क्षेत्रों की तरह सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र को भी इससे नुकसान हुआ लेकिन भारतीय रेलवे ने इस दौरान भी कमाल का काम किया। निर्माण और मरम्‍मत संबंधी प्रोजेक्‍ट पूरे किए, देश भर में जरूरी चीजों की आपूर्ति की। जून 2021 में भी भारतीय रेलवे ने एक नया कीर्तिमान रचा। इस महीने में भारतीय रेल ने 112.65 मिलियन टन माल की ढुलाई करके हजारों करोड़ कमाए।

Indian Railways to use radio-frequency identification tags for tracking  goods train | India News | Zee News

जून 2019 से 11 फीसदी ज्‍यादा ढुलाई

माल ढुलाई के मामले में भारतीय रेलवे ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए है। जून 2020 में रेलों के जरिए 93.59 मिलियन टन माल ढोया गया था, यह कोरोना महामारी के प्रकोप का पहला साल था। इस साल जून 2021 में जून 2020 की तुलना में 20.37 फीसदी ज्‍यादा माल ढोया गया है। यहां तक कि साल 2019 के सामान्‍य साल में भी जून महीने में 101.31 मिलियन टन माल ढोया गया था, जिसकी तुलना में इस साल की माल ढुलाई 11.19 प्रतिशत ज्‍यादा रही। इसे लेकर रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने ट्वीट कर कहा, ‘भारतीय रेलवे माल ढुलाई में लगातार 10 महीनों से अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। जून महीने में रेलवे ने अब तक की सबसे ज्‍यादा 112.6 मिलियन टन माल ढुलाई का रिकॉर्ड बनाया है।’

Goods trains slow down, Railways hits Raftaar pedal

सबसे ज्‍यादा मात्रा कोयले की

जून 2021 के दौरान रेलवे द्वारा ढुलाई किए गए माल की बात करें तो इसमें सबसे ज्‍यादा 50.03 मिलियन टन कोयले की ढुलाई की गई। इसके अलावा 14.53 मिलियन टन लौह-अयस्क, 5.53 मिलियन टन कच्चा लोहा और तैयार स्टील, 5.53 मिलियन टन खाद्यान्न, 4.71 मिलियन टन उर्वरक, 3.66 मिलियन टन खनिज तेल 6.59 मिलियन टन सीमेंट और 4.28 मिलियन टन क्लिंकर की भी ढुलाई की गई। इसके चलते जून 2021 में सबसे ज्‍यादा ढुलाई करके भारतीय रेलवे ने  11,186.81 करोड़ रुपये की कमाई की। यह आय जून 2020 से 26.7 प्रतिशत और जून 2019 की कमाई से 4.48 प्रतिशत ज्‍यादा है। बता दें कि ढुलाई की क्षमता में बढ़ोतरी करने के लिए रेलवे ने माल ढुलाई की गति भी बढ़ाई है, साथ ही उसने अपने ग्राहकों को कई आकर्षक छूट भी दी ताकि रेलवे को ढुलाई के लिए ज्‍यादा से ज्‍यादा माल मिल सके।

पिछले 7 सालों से लगातार रेलवे नये तरीके अपना रही है जिसकी वजह है कि एक ओर वो मुसाफिरों को सुविधा दे रही है तो दूसरे तरफ अपनी आमदनी भी बढ़ा रही है। जिससे रेलवे का कायाकल्प हो सके। जबकि कुछ लोग इसके बावजूद मोदी सरकार पर ये आरोप लगाने में लगे रहते हैं कि वो रेलवे को बेचने में लगे हुए हैं जबकि वो रेलवे को दुधारू गाय बनाने में लगे हुए हैं।