मोदी राज में तेजी से हो रहा है रेलवे जंक्शन का आधुनिकीकरण

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण और उन्नयन की योजना पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार ने पिछले 5 साल में रेलवे का कायाकल्प कर दिया है। चाहे रेलवे में इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की बात हो, रेल लाइनों का विद्युतीकरण हो, रेल पटरियों का विस्तार हो या फिर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्री सुविधाओं का आधुनिकीकरण, हर स्तर पर व्यापक कार्य हुआ है।

Piyush_Goel

रेल मंत्रालय की आधुनिकीकरण योजना के तहत देशभर के अनेक रेलवे स्टेशनों में उन्नयन कार्य प्रगति पर है। तमिलनाडु में सलेम जंक्शन और नगालैंड में डिमापुर रेलवे स्टेशन पर आधुनिक यात्रा सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है और इन स्टेशनों को निखारा जा रहा है।

तमिलनाडु के सलेम जंक्शन को चरणबद्ध तरीके से नया रूप दिया जा रहा है। इस स्टेशन को निखारने में अब तक लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं। परियोजना के तहत सभी प्लेटफार्मों को दुरुस्त करने के साथ स्टेशन में दूसरे प्रवेश द्वार को भी सुधारा जा रहा है। स्टेशन इमारत के सामने 15 फरवरी, 2020 तक एक स्मारक ध्वज लगा दिया जाएगा। हवाई अड्डे की शैली में रोशनी का बंदोबस्त भी किया जाएगा। उन्नयन कार्य जून, 2020 तक पूरा हो जाने की संभावना है।

Dimapur Railway Station

आधुनिकीकरण और उन्नयन कार्य शुरू किये जाने वाला दूसरा रेलवे स्टेशन डिमापुर स्टेशन है। नगालैंड में यह अकेला रेलवे स्टेशन है, जो लूमडिंग-डिब्रूगढ़ सेक्शन में आता है। यात्री आय के मामले में गुवाहाटी के बाद लूमडिंग डिविजन का यह दूसरा सबसे बड़ा स्टेशन है। इसलिए स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और सेवाओं का बहुत महत्व है। स्टेशन में सुविधाओं में सुधार करने के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से विकास के कई काम किये जा रहे हैं।

Dimapur Railway Station,

आइयें एक नजर डालते हैं उन संकेतों पर, जिनसे साफ जाहिर होता कि मोदी सरकार में रेलवे का आधुनिकीकरण तेज़ी से बढ़ रहा है:

स्टेशनों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया लगातार जारी

आदर्श स्टेशन योजना के तहत देश भर के 1253 स्टेशनों में से अब तक 1103 स्टेशन विकसित किए जा चुके हैं। और रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की यह प्रक्रिया लगातार जारी है। इसके लिए समय-समय पर कई योजनाएं स्कीम भी लाई जाती हैं। स्टेशनों के विकास के लिए मॉडर्न स्टेशन स्कीम और आदर्श स्टेशन स्कीम जैसी योजनाएं लॉन्च हो चुकी हैं।

स्टेशनों के सुधार के लिए स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत एक अलग योजना भी बनाई गई है। इसमें गांधीनगर (गुजरात) और हबीबगंज (मध्य प्रदेश) स्टेशन के पुनर्विकास का काम किया गया है। चारबाग (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) और पुड्डुचेरी स्टेशनों के रीडेवलपमेंट के लिए कॉन्ट्रैक्ट दे दिए गए हैं।

मोदी सरकार 2.0 में रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा ‘गिव इट अप’ योजना भी शुरू किया गया है। इसके तहत लोगों को रेल टिकट पर सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कई वरिष्ठ नागरिकों ने सब्सिडी छोड़ भी दी है।

रेलवे ने रचा इतिहास, एक साल में बने 6,713 कोच और इंजन

वडोदरा में भारत का पहला राष्ट्रीय रेल और परिवहन विश्वविद्यालय खुला है। कर्मचारी सशक्तिकरण से लेकर कौशल बढ़ाने के नए अवसरों पर ध्या न केंद्रित करते हुए रेलवे अपने कार्यबल में एक नई ऊर्जा भर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रेलवे भारत की जीवन रेखा बन जाए और भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ताकत दें।

इसी कड़ी में रेलवे को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। रेलवे ने वित्त वर्ष 2018-19 में रिकॉर्ड 6,713 कोच, इंजनों का निर्माण किया है। चेन्नई स्थित भारतीय रेलवे की इंटिग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने मार्च 2019 में चीन की राष्ट्रीय निर्माता को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे बड़ी कोच निर्माता के रूप में उभरी है। चीन सालाना तौर पर 2600 कोच बनाता है। आईसीएफ ने ना केवल रिकॉर्ड संख्या में कोच का निर्माण किया, बल्कि ट्रेन 18 – वंदे भारत एक्सप्रेस का भी निर्माण किया है।

स्टेशनो का सौन्दर्यीकरण

सौन्दर्यीकरण पर बल देते हुए भारतीय रेलवे के कई स्टेशनो को सुसज्जित किया गया है। सौन्दर्यीकरण किये गए स्टेशनो पर कई तरह की सुविधाएं दी गयी है। जैसे, LED लाइट, लिफ्ट, एस्केलेटर्स। रिवैम्प हुए स्टेशनो में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, जयपुर जंक्शन, लोनावला स्टेशन और हरिद्वार स्टेशन शामिल है। इसके अलावा IRCTC ने अपनी वेबसाइट को रिवैम्प करते हुए बहुत से नए फीचर उसमें जोड़े है। जिसमे वेटिंग लिस्ट्स देखने समेत कई अन्य विकल्प मौजूद है।

महत्वपूर्ण अवसरों के मद्देनजर स्टेशन को प्रकाशित करने के लिए इमारत के सामने वाले हिस्से पर रोशनी का बंदोबस्त किया गया है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिनों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रतीक स्वरूप इमारत को तीन रंग की रोशनियों से सजाने की व्यवस्था की गई है।

 


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