‘चौकीदार चोर है’ वाले बयान पर राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में मांगी माफी- आगे नहीं करेंगे ऐसा

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कुछ दिनों पहले कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान सुप्रीम कोर्ट का नाम लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘भ्रष्‍टाचारी’ कहने पर ‘खेद’ जताया और माफ़ी भी मांगी है| राहुल गांधी ने शीर्ष अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है| गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी द्वारा दायर मानहानि याचिका पर जवाब देते हुए माना कि SC ने कभी इन शब्‍दों का इस्‍तेमाल नहीं किया| राहुल ने अदालत से कहा है कि “मैं भविष्य में कभी दोबारा कोर्ट को लेकर किसी प्रकार की टिप्पणी या निष्कर्ष का प्रयोग मीडिया के समक्ष राजनैतिक बयान में नहीं करूंगा।” उन्‍होंने माना कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में चौकीदार चोर है, वाली टिप्पणी नहीं की थी| यह सब तो चुनाव प्रचार के दौरान जोश में उनके मुंह से निकल गया था| वह कोर्ट को भरोसा दिलाते हैं कि भविष्य में वे दोबारा ऐसा नहीं करेंगे|”

क्या था पूरा मामला

आपको बता दें कि दरअसल, राहुल गाँधी ने एक चुनावी रैली में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि राफेल विमानों के सौदे में पीएम मोदी ने भ्रष्‍टाचार किया है| राहुल ने कहा था कि ‘अब सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकीदार चोर है|’ कांग्रेस अध्‍यक्ष ने अब सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि चुनाव प्रचार के दौरान वह जोश में गलत शब्‍दों का इस्‍तेमाल कर बैठे थ| राहुल ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद एक रैली में यह बयान दिया था जिसमें अदालत ने मीडिया में लीक हुए दस्‍तावेजों के आधार पर फैसला सुनाने की बात कही थी|

सुप्रीम कोर्ट उनकी माफी को किस तरह लेगा, इसका पता 23 अप्रैल यानि मंगलवार को चलेगा। आमतौर पर बिना शर्त माफी मांगने पर सुप्रीम कोर्ट माफी दे देता है, लेकिन बार-बार राहुल गाँधी ऐसे बयान बाज़ी कर रहे हैं जिससे हो सकता है कि उन्हें सजा भी सुना दिया जाए|

इस मामले में शाह और जेटली ने साधा था निशाना

गुजरात के कोडीनार में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में एक टेक्निकल ऑब्जेक्शन पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने फैसला सुनाया और राहुल बाबा कहने लगे कि राफेल मामले पर SC ने सरकार को फटकार लगाई। जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गाँधी को नोटिस जारी किया है कि वो कोर्ट आकर स्पष्ट करें कि उन्होंने क्या कहा।

राहुल के लिए सीख: जेटली

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर के कहा था कि ‘ राजनीतिक प्रॉपेगैंडा के लिए कोर्ट के ऑर्डर को गढ़ना राहुल गांधी का नया निचला स्तर है। वह जितना नीचे आएंगे, हम उतना ही ऊपर उठेंगे।’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने पूछा, ‘राहुल की राजनीति में, बोलने की आजादी में झूठ का अधिकार भी शामिल है।’ उन्होंने कहा कि सत्य हमेशा रहता और झूठ खत्म हो जाता है, यह राहुल के लिए सीख|

क्या कहा था कोर्ट ने?

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नए दस्तावेजों के आधार पर राफेल डील पर पुनर्विचार याचिका स्वीकार किए जाने को ‘चौकीदार चोर है’ के रूप में पेश करने की वजह से राहुल को नोटिस जारी किया गया था। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुआई वाली बेंच ने कहा कि कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है। बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी ने राहुल के खिलाफ आपराधिक अवमानना की याचिका दायर की थी।

कोर्ट ने कहा, ‘हम यह स्पष्ट करते हैं कि राहुल गांधी ने इस अदालत का नाम ले कर राफेल सौदे के बारे में मीडिया और जनता में जो कुछ कहा उसे गलत तरीके से पेश किया। हम यह स्पष्ट करते हैं कि राफेल मामले में दस्तावेजों को स्वीकार करने के लिए उनकी वैधता पर सुनवाई करते हुए इस तरह की टिप्पणियां करने का मौका कभी नहीं आया।’

राहुल गांधी के माफी मांगने के बाद अब बीजेपी चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट राहुल पर कड़ी कारवाई करे| और ये बहुत हद तक सही भी है| बिना किसी तथ्य के राहुल गाँधी अक्सर ऐसे ब्यान देते रहते है जिसके वजह से प्रधानमंत्री के साथ साथ देश की गरिमा को भी ठेस पहुँचती है| सिर्फ अपनी राजनीतिक फायदे के लिए कोई ऐसा कैसे कर सकता है|