कई अड़गों के बाद राफेल की पहली खेप का भारत में हुआ गृह प्रवेश

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

दुश्मनों का काल राफेल का भारत में गृह प्रवेश आज हो गया। राफेल ने जैसे ही भारत की सीमा पर गर्जना की वैसे ही देश में एक अलग सा उत्साह देखा गया, तो दूसरी तरफ देश के दुश्मनों को ये पता चल गया कि अगर अब भारत से दुश्मनी ली तो अंजाम सिर्फ हार ही होगा।

पीएम सहित कई बड़े लोगों ने राफेल आने पर दी बधाई

फ्रांस से 5 राफेल लड़ाकू विमानों के पहले बैच के भारत पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके स्वागत में ट्वीट किया है। प्रधानमंत्री ने अंबाला में राफेल के टच डाउन का वीडियो शेयर करते हुए संस्कृत में ट्वीट किया कि राष्ट्र रक्षा के समान कोई पुण्य, व्रत या यज्ञ नहीं होता। उन्होंने इंडियन एयर फोर्स के आदर्श वाक्य ‘नभः सदृशं दीप्तम्’ के साथ स्वागतम् भी लिखा। तो दूसरी तरफ गृहमंत्री ने इसे गर्व का क्षण बताया इसी तरह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपने ट्वीट में राफेल लाने वाले पायलेट सहित वायुसेना को बाधाई दी तो दुश्मन मुल्क को चेताया कि अगर भारत पर बुरी नजर डाला तो क्या अंजाम होगा। लेकिन सबसे ज्यादा उत्साह तो अंबाला की छतों पर देखने को मिला जहां बच्चे राफेल की गर्जना सुनते ही झूम उठे।

भारतीय सीमा पर गृह प्रवेश पर हुआ भव्य स्वागत

राफेल जैसे ही भारतीय सीमा में दाखिल हुआ तो उसका सबसे पहले संपर्क INS  कोलकता से हुआ। खुद जहाज के कैप्टन ने राफेल उड़ा रहे कैप्टन का स्वागत किया और बोला कि भारतीय सीमा में आपका स्वागत है आप की सुखद लैडिंग की सभी कमाना करते हैं। यानी भारत की सीमा  आते ही राफेल को सलामी मिलनी शुरू हो गई इतना ही अंबाला बेस में राफेल को  स्पेशल सैल्यूट भी मिला। अंबाला एयरबेस पर लैंड करते ही राफेल को सैल्यूट पानी की बौछारों के साथ दिया गया। जैसे ही राफेल लैंड हुए उन्हें दोनों ओर से पानी की बौछारों से स्पेशल सैल्यूट मिला। गौरतलब है कि राफेल अब भारतीय वायुसेना का अधिकारिक रूप से हिस्सा बन गया है। भारत और फ्रांस के बीच हुई डील के तहत 36 राफेल भारत को दिए जाएंगे। पहली खेप के तहत भारत को पांच राफेल दिए गए हैं। बाकी के राफेल भी अपने तय समय पर भारत को सौप दिये जायेंगे ये दावा फ्रांस करता रहा है।

बहरहाल राफेल के भारतीय एयरफोर्स में शामिल हो जाने ने इस पूरे इलाके में भारत की शक्ति अब बहुत बढ़ गई है। क्योंकि भारत के दुश्मन चीन और पाक के पास राफेल से निपटने के लिए कोई भी लड़ाकू हवाई जहाज नही है। जिससे ये माना जा रहा है कि इस इलाके में अब शक्ति का संतुलन ठीक हो जायेगा और शायद इसी का असर ये होगा कि सीमाओं पर शांति का माहौल बन सके।


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply