भारतीय और फ्रेंच वायुसेना के संयुक्त युद्धाभ्यास में राफेल के जलवे

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भारत और फ़्रांस की वायुसेना का संयुक्त युद्धाभ्यास, “गरुड़” 1 जुलाई को आरम्भ हुआ था, जो 12 जुलाई को समाप्त होगा| फ़्रांस के मोंट-डे-मारसन में हो रहे इस संयुक्त अभ्यास में भारतीय वायुसेना के 120 पायलट हिस्सा ले रहे हैं|

गरुड़ का छठा संस्करण

दोनों देशों की वायुसेना के संयुक्त अभ्यास “गरुड़” का ये छठा संस्करण है| इस से पहले 2014 में जोधपुर में पांचवां संस्करण संपन्न हुआ था| पहला गरुड़ अभ्यास फरवरी 2003 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित किया गया था|

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वायुसेना के सूत्रों के अनुसार, इस अभ्यास का लक्ष्य दोनों देशों की वायुसेना के बीच आपसी सहयोग और एक दुसरे की कार्यप्रणाली की बेहतर समझ विकसित करना है|

क्या हैं मुख्य आकर्षण

इस अभ्यास में सुखोई 30, आईएल 78 मिड एयर रिफ्यूलिंग टैंकर, C-17 ग्लोबमास्टर शामिल है| लेकिन इसका प्रमुख आकर्षण है, फ़्रांस का राफेल लड़ाकू विमान और भारत का सुखोई 30| भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर सौरभ एम्बुरे ने राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी|

उल्लेखनीय है की भारत और फ़्रांस के बीच हुए रक्षा करार के अंतर्गत भारत को 36 राफेल लड़ाकू विमान मिलने वाले हैं| इस साल के सितम्बर तक 4 राफेल भारत को मिलने वाले हैं| ऐसे में इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना को युद्ध की परिस्थिति में राफेल की कार्यप्रणाली और उसकी क्षमता को परखने का उपयुक्त मौका मिलेगा|

Image Source – www.jagran.com


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