राफेल लड़ाकू विमान से बढ़ जाएगी दुनिया में भारत की धाक

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राफेल भारत के लिए सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण समझौता है. भारत के पास अभी तक सबसे आधुनिक और मजबूत लड़ाकू विमान ‘सुखोई’ है. राफेल विमान के वायुसेना में शामिल हो जाने के बाद भारत पांचवीं पीढ़ी के आधुनिक लड़ाकू विमान के साथ दुनिया के अग्रिम पंक्ति देशों में शामिल हो जायेगा. आये जानते हैं राफेल कैसे भारत दुनिया में एक अलग पहचान देगा, राफेल में ऐसा क्या है ख़ास और कैसे सुखोई से बेहतर है राफेल.

भारत को मिलने वाला राफेल विमान लैस होगा दुनिया के ताकतवर हथियार से

  • स्कैल्प: मारक क्षमता 300 किमी, लंबी दूरी की जमीन से हमला करने वाली अचूक मिसाइल
  • मीटियोर: अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ,विजुअल रेंज से परे, हवा से हवा में मार कर100 किमी दूर ही दुश्मन के विमान को निशाना बनाने में सक्षम
  • शार्ट नोटिस पर हथियारों को मार गिराने के लिए हेलमेट माउंटेड साइट्स और टारगेटिंग सिस्टम
  • लेह जैसे अधिक ऊंचाई पर स्थित एयर बेस से उड़ान भरने के लिए अतिरिक्त क्षमता
  • मिसाइल हमलों से मुकाबला करने की उन्नत प्रणाली

 

rafale deal

भारत के अबतक के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान सुखोई पर भारी है राफेल

  • राफेल, सुखोई के मुकाबले काफी छोटे क्षेत्र में गुलाटी मार सकता है।
  • सुखोई-30 के मुकाबले इसकी रेंज 1।5 गुना ज्यादा
  • राफेल की मारक क्षमता 780-1055 किमी है, जबकि सुखोई की 400-550 किमी
  • राफेल 24 घंटे में 5 चक्कर लगाने में सक्षम है, वहीं सुखोई-30 केवल तीन चक्कर लगा सकता है
  • राफेल की सबसे बड़ी खासियत है कि एक बार में 3800 किलोमीटर तक की उड़ान भर सकता है

राफेल लड़ाकू विमान दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक है. भारत को मिलने वाले राफेल और भी ख़ास है क्योंकि फ्रांस इसे भारत की जरूरतों के हिसाब से हथियारों से लैस कर के दे रहा है. अब यह लाजिमी है कि पडोसी देश जो भारत को हमेशा अपनी हरकतों से परेशान करने की कोशिश करते हैं, उनमें खलबलाहट तो मचेगी. भारत के सुरक्षित भविष्य के लिए नींव का पत्थर साबित होगा राफेल.


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