प्यारे खान – कभी नागपुर में बेचा करते थे संतरे, अब हैं 400 करोड़ की कंपनी के मालिक

400 million company owner | PC - Google

सफलता दिन-रात की कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का नतीजा होता है| ये ऐसे ही रातों-रात नहीं मिलती| आज जितने भी लोग अपने-अपने क्षेत्र में सफलता की ऊँचाइयों को छू रहे हैं, इसके पीछे उनकी सालों की मेहनत और तपस्या छुपी है| हमारे समाज में ऐसे कई उदहारण हैं, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से सफलता प्राप्त की है| आपको तो पता ही होगा हमारे पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम जो मिसाइल मैन ऑफ़ इंडिया नाम से भी प्रख्यात है, एक बहुत ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे| अपनी पढाई पूरी करने के लिए वो सुबह में अख़बार भी बेचा करते थे|

सफलता की एक और कहानी लेकर आज IndiaFirst अपने पाठकों के बीच आया है | आज हमारी सफलता की कहानी के नायक हैं, नागपुर के बिजनेस मैन प्यारे खान | इनकी कहानी किसी भी व्यक्ति के के लिए बहुत ही प्रेरणादायक है |

प्यारे खान ने शुरुआत में नागपुर रेलवे स्टेशन पर संतरा बेचने का काम किया और आज अपनी कड़ी मेहनत से 400 करोड़ टर्नओवर वाली ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक है| बातचीत में प्यारे खान ने बताया, “मेरे दो भाई और एक बहन है| मेरी माँ रायिसा खातून ने छोटे-मोटे काम करके हम चार भाई-बहनों को पाला है|”

क्या है सफलता की कहानी

प्यारे खान बताते हैं कि सफलता तक पहुँचने वाली उनकी राह आसान नहीं थी| पहले उन्होंने ड्राइविंग सीखी और ड्राईवर के तौर पर एक कूरियर सर्विस में नौकरी शुरू की, हालाँकि एक दुर्घटना की वजह से 18 साल की उम्र में ही उन्हें इस नौकरी से हाथ धोना पड़ा| उसके बाद प्यारे खान ने एक ऑटो रिक्शा खरीदा और उसे ही अपनी कमाई का जरिया बनाया|

उन दिनों प्यारे खान को कीबोर्ड बजाने का भी शौक था, वो मेलोडी ग्रुप्स का हिस्सा भी थे| वो सोचते थे कि अगर उनके पास बस होती तो उनका ग्रुप आसानी से कहीं भी अपना शो करने जा सकता था| बस तभी प्यारे खान ने जैसे-तैसे पैसे इकठा करके एक बस खरीदी पर उन्हें कोई खास मुनाफा नहीं हुआ और आखिर में उन्होंने एक ट्रक खरीदने का फैसला किया|

प्यारे खान ने ING वैश्य बैंक से 11 लाख का लोन लिया और एक ट्रक खरीदा| इस ट्रक से उन्हें काफी मुनाफा हुआ और अगले 2 साल में ही उन्होंने बैंक का पूरा वापस भर दिया|

आज प्यारे खान का बिजनेस सफलता की बुलंदियों पर है| अभी वो 125 ट्रक के मालिक है और रोजाना करीब 3000 किराये के ट्रकों से स्टील और पॉवर इंफ्रास्ट्रक्चर के सामान को देश-विदेश में लाने-ले-जाने का काम करते है| प्यारे खान की कंपनी का नाम आश्मी रोड ट्रांसपोर्ट है जिसे साल 2013 में शुरू किया गया था, आज इस कंपनी में करीब 500 लोग काम करते है| आपको बताते चलें की कंपनी की सफलता के मद्देनज़र UAE के एक निवेशक बैंक इम्पीरियल कैपिटल एलएलसी ने आश्मी रोड ट्रांसपोर्ट को 80 करोड़ रुपये लोन देने की पेशकश की है|

प्यारे खान की कहानी संघर्ष और लगन की कहानी है, संघर्ष और लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है|