ये खबर सुनकर होगा मोदी सरकार पर गर्व

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गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां देश भर में जोर-शोर से चल रही है। गणतंत्र दिवस से जुडी इन दो ख़बरों को सुनकर हर भारतीय को गर्व महसूस होगा। आइयें आपको बताते है इसके बारे में :

स्थापना के 50 साल बाद JNU में पहली बार होगी गणतंत्र दिवस परेड

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के इतिहास में पहली बार राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की छात्रा कैडेटों की एक टुकड़ी गणतंत्र दिवस पर परेड करेगी और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देगी।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) को स्थापित हुए 50 साल हो चुके हैं। पहली बार इस गणतंत्र दिवस पर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन होगा, जिसमें जेएनयू की एनसीसी से जुड़ी 15 छात्राएं हिस्सा लेंगी।

कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने बताया कि यह संस्थान के लिए बहुत ही खुशी की बात है कि इस 26 जनवरी के दिन एनसीसी से जुड़ी छात्राएं गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लेंगी। उन्होंने बताया की जेएनयू में जुलाई 2019 में एनसीसी ग‌र्ल्स यूनिट का गठन हुआ था। इससे अभी कुल 25 छात्राएं जुड़ चुकी हैं।

11 जनवरी से छात्राओं की हो रही है रिहर्सल

जेएनयू के एसोसिएट डीन असिस्टेंट प्रो. बुधा सिंह ने कहा कि जेएनयू के 50 साल के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि गणतंत्र दिवस के दिन परेड का आयोजन हो रहा है। इसमें 3 दिल्ली ग‌र्ल्स बटालियन एनसीसी की छात्राएं हिस्सा ले रही हैं। इन्हें एनसीसी कमांडिंग अधिकारी कर्नल पीयूष शर्मा के नेतृत्व में प्रशिक्षित किया गया है।छात्राओं की गणतंत्र दिवस परेड को लेकर 11 जनवरी से रिहर्सल शुरू हो गई थी। यह छात्राएं कुलपति को परेड में गार्ड ऑफ ऑनर देंगी।

जेएनयू को पिछले वर्ष स्थापित हुए 50 वर्ष हो चुके हैं, पिछले वर्ष से जेएनयू अपना स्वर्ण जयंती मना रहा है। इसी के उपलक्ष्य पर गणतंत्र दिवस परेड का भी आयोजन हो रहा है।

हाल में परिसर में अशांति के संदर्भ में कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने कहा कि हालात अब सामान्य हैं तथा अधिकतर छात्र अध्ययन और शोध में जुट गए हैं।

2018 में त्रिपुरा विधानसभा में पहली बार गाया गया राष्ट्रगान

दूसरी खबर अगरतला के त्रिपुरा से है। त्रिपुरा में सरकार बदलने के साथ ही अब बदलाव भी नजर आने लगे हैं। विधानसभा में पहली बार शुक्रवार को राष्ट्रगान गाया गया । सदन का पहला सत्र नवनिर्वाचित स्पीकर रेबती मोहन दास के चुनाव के साथ शुरू हुआ। जब सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सभी 11 बजे पहुंचे तो राष्ट्रगान चलाया गया। राष्ट्रगान के सम्मान में सभी मंत्री, सदन के सदस्य, आधिकारी, पत्रकार और दर्शक खड़े हो गए।

यह पहली बार था जब सदन में राष्ट्रगान चलाया गया था। सदन के सचिव बामदेब मजूमदार ने कहा कि वह हर दिन राष्ट्रगान चलाने की कोशिश करेंगे।

 


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