शाहीन बाग पहुंचे कश्मीरी पंडितों से प्रदर्शनकारियों ने की बहस

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पिछले एक महीने से नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली का शाहीन बाग चर्चा में है। शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन चल रहा है। लेकिन रविवार को उस वक्त शाहीन बाग में विवाद पैदा हो गया जब सैकड़ों कश्मीरी पंडितों का जत्था वहां पहुंचा तो हाथापाई की नौबत आ गई। कश्मीरी पंडितों के जत्थे ने ‘कश्मीरी पंडितों को न्याय दो’ जैसे नारे लगाए। कश्मीरी पंडितों ने प्रदर्शनकारियों से उन्हे उनका घर वापस दिलाने के लिए समर्थन मांगा। साथ ही उन्होने स्वरा भास्कर के द्वारा बुलाए गए जश्न ए शाहीन का विरोध किया कि आज के ही दिन 30 साल पहले उन्हे उनके घर से विस्थापित कर दिया गया था। हजारों कश्मीरी पंडितों का कत्ल कर दिया गया था। यह कार्यक्रम उनकी शहादत का अपमान है।

बता दे की शाहीन बाग प्रदर्शन में कश्मीरी पंडितों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा था जिसमें सतीश महालदार, कमल, आशीष पंडित, रवि और मोनिका पंडित शामिल थी। कश्मीरी पंडितों की बात रखते हुए सतीश महालदार ने कहा कि हम प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि आप हमारे लिए आगे आएं। हम पिछले 30 सालों से अपने ही देश में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। हमारे घर हमसे छीन लिए गए हैं। पहले हमें हमारी जमीन वापस दिलाई जाए इसके बाद दूसरे कानून लाए जाएं। कश्मीरी पंडितों ने बताया कि हम नागरिकात संशोधन कानून का समर्थन करते हैं। साथ ही कश्मीरी पंडितों के सामूहिक नरसंहार के दिन किसी भी जश्न के कार्यक्रम का विरोध करते हैं।

मालूम हो कि नागरिकता कानून के संसद से पास होने के बाद से ही न सिर्फ विपक्षी पार्टियां बल्कि हजारों छात्रों ने सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार पर वापस लेने के लिये दवाब बनाया है। इसी सिलसिले में दक्षिण दिल्ली के शाहीन बाग चर्चा में तब आया जब सैंकड़ों की संख्या में महिलाओं ने कपकपाती ठंड में भी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया । हालांकि कहा यह भी जा रहा है की इस प्रदर्शन को सभी विपक्षी पार्टियों का समर्थन हासिल है।

अभी हाल ही में मणिशंकर अय्यर ने भी शाहीन बाग पहुंचकर अपना समर्थन दिया। तो वहीं कई मुस्लिम संगठनों ने भी शाहीन बाग में भारी संख्या में महिलाओं के प्रदर्शन को सराहा है। तो मोदी सरकार पर इन महिलाओं के आवाज को दबाने के लिये कोई कदम उठाने को लेकर शंका भी जाहिर किया है। इस बीच हाईकोर्ट तक जब शाहीन बाग मसला पहुंचा तो दिल्ली पुलिस को मामले को निपटारे करने का आदेश भी दिया गया है।

 


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