प्रधानमंत्री कल ‘प्रगति’ कार्यक्रम के 32वें बैठक की अध्यक्षता करेंगे

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प्रधानमंत्री कल ‘प्रगति’ कार्यक्रम के 32वें बैठक की अध्यक्षता करेंगे
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल 22 जनवरी, 2020 को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित बहुउद्देश्यीय मल्टीमीडिया मंच ‘प्रगति’ के 32वें संवाद की अध्यक्षता करेंगे।

प्रगति’ के पिछले 31 संवादों के दौरान प्रधानमंत्री ने 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा की थी। वर्ष 2019 की पिछली ‘प्रगति’ बैठक में 16 राज्यों तथा जम्मू एवं कश्मीर केन्द्रशासित प्रदेश से संबंधित 61,000 करोड़ रुपये से अधिक की नौ परियोजनाओं पर चर्चा की गई थी। विदेशों में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की शिकायतों, राष्ट्रीय कृषि बाजार, आकांक्षी जनपद कार्यक्रम और आधारभूत ढांचे के विकास कार्यक्रमों व पहलों जैसे विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘प्रगति’ के पिछले बैठक के दौरान कृषि मंत्रालय को निर्देश दिया था कि वे किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के किसानों को पराली के निपटान के उपकरणों के वितरण में प्राथमिकता दें।

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार को भी निर्देश दिया है कि वे पर्यावरण संबंधी मसलों पर गौर करने के लिए 3 महीने के भीतर विस्तृत योजना तैयार करें। पीठ ने तीनों राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे छोटे और मझौले किसानों को पराली न जलाने के लिए सात दिन के भीतर एक सौ रुपया प्रति क्विंटल की दर से सहायता भी दें। शीर्ष न्यायालय ने दिल्ली में भीषण वायु प्रदूषण की रोकथाम में विफलता के लिए अधिकारियों को फटकार भी लगाई। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता में दो न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि अगर अधिकारी जनता की परवाह नहीं करते तो उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।

प्रधानमंत्री ने जनजातीय बच्चों के स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर ध्या्न केंद्रित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि पिछड़े जिलों को राष्ट्रीय औसत के स्तर पर लाने के लिए समय सीमा निर्धारित की जानी चाहिए।

प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय कृषि बाजार के बारे में बताया गया था, जिससे किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर दाम दिलाने में मदद मिली है। अब किसानों के खातों में सीधे ई-पेमेंट के जरिए पैसा भेजा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में दो समन्वित ई-मंडियों के विकास में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। मोदी ने महात्वाकांक्षी उधमपुर-बारामूला रेल लिंक परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए काम में तेजी लाने और अगले साल तक इसे पूरा करने का स्पष्ट निर्देश दिया था।

गौरतलब है की प्रधानमंत्री ने 25 मार्च, 2015 को बहुउद्देश्यीय और बहुविषयक शासन मंच ‘प्रगति’ की शुरूआत की थी। ‘प्रगति’ एकीकृत संवाद मंच है, जिसका उद्देश्य जन-साधारण की शिकायतों का समाधान करना है। ‘प्रगति’ के जरिए भारत सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और परियोजनाओं तथा विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा शुरू की जाने वाली परियोजनाओं की निगरानी और समीक्षा में मदद मिलती है।

 


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