प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय आयोग की नवनिर्वाचित अध्यक्ष से टेलीफोन पर बात की

Prime Minister Narendra Modi spoke to the newly elected chairman of the European Commission

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन से बात की और भारत-यूरोपीय संघ की साझेदारी को मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष महामहिम सुश्री उर्सुला वॉन डेर लेयेन से टेलीफोन पर बात की।

प्रधानमंत्री ने सुश्री उर्सुला वॉन डेर लेयेन को यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष का पद्भार संभालने पर बधाई दी और इस बात पर प्रसन्नता जताई कि वे उनके कार्यकाल की शुरुआत में ही संपर्क बना पाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आयोग में उनके नेतृत्व का विशेष महत्व है, क्योंकि वह यूरोपीय आयोग की पहली महिला अध्यक्ष हैं।

प्रधानमंत्री ने इस ओर ध्यान दिलाया कि भारत और यूरोपीय संघ की साझेदारी लोकतंत्र, कानून के सम्मान, बहुपक्षवाद, नियम-आधारित व्यापार तथा नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन, संपर्क, अक्षय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा, कट्टरता एवं आतंकवाद के हल जैसे मुद्दों की अपनी प्राथमकिता के क्षेत्रों के तौर पर पहचान करने के लिए भी उनकी प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ की साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपनी तीव्र इच्छा प्रकट की।

महामहिम सुश्री उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने प्रधानमंत्री को अगले भारत-यूरोपीय संघ सम्मेलन के लिए ब्रूसेल्स आने का न्यौता दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस न्यौते को सहर्ष स्वीकार कर लिया है।

इससे पहले यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने चीनी प्रधान मंत्री ली खछ्यांग के साथ फोन पर वार्ता की।

गौरतलब है कि 28 सदस्यों वाले यूरोपीय संघ की नई टीम को जलवायु परिवर्तन और ब्रेक्जिट के अलावा चीन और अमेरिका जैसी शक्तियों के साथ बढ़ते तनाव जैसी चुनौतियों से निपटना होगा।

Ursula-von-der-Leyen with German Angela Merkel

बता दे कि उर्सुला वॉन डेर लेयेन का जन्म 60 साल पहले बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में हुआ था। एक समय ऐसा भी आया था जब उर्सुला वॉन डेर लेयेन के करियर में वक्त ऐसा भी आया था जब उन्हें जर्मनी के चांसलर अंगेला मैर्केल के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाने लगा था। वे मैर्केल की करीबी हैं और मैर्केल के हर कार्यकाल में उन्हें महत्वपूर्ण मंत्रालय मिले हैं।