प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिराट नगर में एकीकृत जांच चौकी का किया उद्घाटन

inaugurate the second Integrated Check Post (ICP) at Jogbani-Biratnagar

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेपाली समकक्ष के.पी.शर्मा ओली आज बिराटनगर एकीकृत चेक पोस्ट का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया। इस चेकपोस्ट को 260 एकड़ जमीन पर करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सबसे पहले ओली जी और नेपाल में हमारे सभी मित्रों को नववर्ष 2020 की शुभकामनाएं देता हूं। ये सिर्फ नया वर्ष ही नहीं बल्कि नया दशक शुरू हुआ है। मैं कामना करता हूं कि ये नया दशक आप सब के लिए अच्छा स्वास्थ्य, दीर्घायु, प्रगति और शांति लेकर आए।

इस चेक पोस्ट को रोज़ाना 500 ट्रकों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए तैयार किया गया है। इस सिलसिले में वहां वाहन चालकों, सवारियों और सुरक्षाबलों के लिए समुचित सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत अपने सभी पड़ोसी मित्र देशों के साथ सरल और सुगम आवाजाही के लिए प्रतिबद्ध है और व्यापार, संस्कृति तथा शिक्षा के क्षेत्र में सम्पर्कों को बढ़ाने के पक्ष में है।

आज जोगबनी-बिराटनगर में नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से दूसरी एकीकृत जांच चौकी के संयुक्त उद्घाटन के बाद श्री मोदी ने कहा कि दोनों देश सड़क, रेल और पारेषण लाइनों सहित सीमा के आर-पार सम्पर्क की कई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच प्रमुख सीमा स्थानों पर एकीकृत जांच चौकियां, आपसी व्यापार और आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगी। जोगबनी-बिराटनगर एकीकृत जांच चौकी का निर्माण भारत की सहायता से 260 एकड़ भूमि पर 140 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। ऐसी पहली जांच चौकी 2018 में रक्सौल-बीरगंज में बनाई गई थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2015 का भूंकप एक दर्दनाक हादसा था। ऐसी प्राकृतिक आपदाएं मनुष्य की दृढ़ता और निश्चय की परीक्षा लेती हैं। हर भारतीय को गर्व है कि इस त्रासदी के दुःखद परिणामों का सामना हमारे नेपाली भाइयों और बहनों ने साहस के साथ किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली भारत सरकार की मदद से भूकंप के बाद चल रही आवास पुननिर्माण परियोजना की प्रगति को भी देखेंगे। नेपाल के गोरखा और नुवाकोट जिलों में पचास हजार आवासों के पुननिर्माण के लिए भारत ने आर्थिक सहायता मुहैया करायी है। अब तक 45 हजार आवास बनकर तैयार हो चुके हैं।