प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात – देश का सबसे प्रभावशाली एवं प्रेरक माध्यम

PM MODI MANN KI BAAT

प्रधानमंत्री मोदी हमेशा जनता के करीब रहते हैं और चाहते हैं की जहाँ तक हो सके, जनता से सीधा संवाद हो ताकि वो जनता की परेशानियों को जान सकें और उसके निदान हेतु कार्य कर सकें| अपने प्रथम कार्यकाल में ही PM मोदी ने जनता से सीधा संपर्क बनाने के लिए “मन की बात” कार्यक्रम की शुरुआत की|

“मन की बात” आकाशवाणी पर प्रसारित किया जाने वाला एक कार्यक्रम है जिसके जरिये PM मोदी देश की जनता को संबोधित करते है| इस कार्यक्रम का पहला प्रसारण 3 अक्टूबर 2014 को किया गया हालाँकि पहले प्रसारण में कोई निर्धारित मुद्दा नहीं था, पर इसके बाद हुए सारे प्रसारणों में मोदी ने किसी खास मुद्दे पर जनता तक अपनी बात पहुंचाई|

कहते है कि अच्छे काम की शुरुआत से पहले उसके दुश्मन खड़े हो जाते है| “मन की बात” के कार्यक्रम के साथ भी ऐसा ही था| जब इसकी शुरुवात हुई तब कांग्रेस ने जमकर इसका विरोध किया और यह भी कह डाला की ये सिर्फ समय की बर्बादी का एक जरिया है|

परन्तु “मन की बात” कार्क्रम की सफलता से तो हम सब वाकिफ है| अब तो IIM और IIT के प्राध्यापकों द्वारा जारी एक रिपोर्ट् ने इसकी सफलता के पुख्ता सबूत दिए हैं| IIM बैंगलोर के प्रोफेसर पुलक घोष, IIT मद्रास के प्रोफेसर वी कामकोटी, और IIM इंदौर के प्रोफेसर भुवनीश पारेख के सम्मिलित एनालिटिकल रिपोर्ट्स ये साबित करते हैं कि PM मोदी भारत के सबसे प्रभावशाली इन्सान हैं और “मन की बात” कार्यक्रम बीते कुछ सालों में सबसे प्रभावशाली एवं प्रेरक कार्यक्रम रहा है, जिसने कई प्रकार के सार्थक बदलावों की शुरुआत की एवं जरुरत के मुद्दों पर बेहतर करने के लिए एक पहल की|

पिछले पांच साल में मोदी 50 से भी अधिक “मन की बात” कार्यक्रम कर चुके हैं, जिनमे कई अहम मुद्दों (जैसे स्वास्थ्य, सफाई, स्वच्छ भारत, मुद्रा इत्यादी) पर उन्होंने अपनी बात जनता के सामने रखी है| जनता पर उनका प्रभाव कुछ इस तरह पड़ा है कि जब भी वो किसी मुद्दे पर बोलते हैं तो लोग उस विषय के बारे में गूगल पर सर्च करते हैं और अगले 4 हफ्तों तक उनकी बात गूगल का टॉप ट्रेंड बन जाती है|

इसका उदहारण देते हुए प्रोफेसर घोष ने बताया की जब उन्होंने सारे प्रसारण के स्क्रिप्ट्स का मुयायना किया तो ये बात सामने आई कि मोदी द्वारा प्रयोग किये गए शब्दों को सबसे ज्यादा सर्च किया गया है| जैसे एक बार PM मोदी ने डेंगू की बात की, उस दिन के गूगल सर्च ग्राफ से पता चला कि गूगल पर सबसे ज्यादा डेंगू और उससे सम्बंधित जानकारियों को सर्च किया गया|

शिक्षक दिवस के अवसर पर आमतौर पर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बारे में सर्च अनुमानतः 1.8 गुना ज्यादा बढ़ जाता है, जबकि मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम में इस विषय पर चर्चा होने की वजह से इसका सर्च अनुमानतः 5000 गुना बढ़ गया| अनुमान के बीच इतना बड़ा अंतर ये साबित कर रहा है कि मोदी द्वारा प्रयोग किये गए शब्द जनता को किस हद तक प्रभावित करते है|

आपको बता दें कि PM मोदी अपने दुसरे कार्यकाल में भी “मन की बात” कार्यक्रम की शुरुआत कर चुके हैं, जिसका पहला प्रसारण बीते रविवार 30 जून 2019 को हुआ|