प्रधानमंत्री मोदी ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ के जरिए देश के करदाता का पैसा बचाना चाहते हैं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ’ एक राष्ट्र एक चुनाव ’की अवधारणा पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बुधवार को संसद में शुरू हुई। पीएम मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेता फारूक अब्दुल्ला, जेडीयू के नीतीश कुमार, शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता सुखबीर सिंह बादल, वाईआरआरसीपी के जगन मोहन रेड्डी, बीजेडी के नवीन पटनायक और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती ने भाग लिया।

पीएम मोदी चाहते हैं कि देश में लोकसभा के साथ-साथ सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव भी एकसाथ कराए जाएं जिससे धनबल के साथ-साथ जन-बल की भी बचत होगी। एक साथ चुनाव होने से करदाताओं के पैसे बचेंगे और इन पैसों का इस्तेमाल जनता की भलाई के लिए किया जा पाएगा।

विपक्ष नहीं है सहमत

opposition leaders

AAP नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हुई। यूपीए ने ’एक राष्ट्र एक चुनाव ’की इस अवधारणा का विरोध किया है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख ने कहा, “उन्हें लोगों से किए गए वादों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हमें उम्मीद है कि वे उन वादों को पूरा करने पर अधिक काम करेंगे।

ममता बनर्जी ने संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी को लिखे पत्र में कहा “इतने कम समय में ‘वन कंट्री एंड वन इलेक्शन’ जैसे संवेदनशील और गंभीर विषय पर प्रतिक्रिया देना उस विषय के साथ न्याय नहीं करेगा, जो इसके योग्य है। मामले को जल्दबाजी में करने के बजाय सभी राजनीतिक दलों को अपने विचार करने के लिए पर्याप्त समय प्रदान करना चाहिए, जिससे वो इस महत्वपूर्ण विषय पर ठोस सुझाव दे पाएंगे।”

इस बीच पटनायक ने आज कहा, “हमारी पार्टी वन नेशन, वन इलेक्शन के विचार का समर्थन कर रही है।”


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