पुलवामा हमले की बरसी पर प्रधानमंत्री मोदी- देश आपकी शहादत को नहीं भूलेगा

पुलवामा आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुलवामा हमले में शहीद सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि दी है। अपने ट्वीट संदेश में उन्होंने कहा कि भारत इस शहादत को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले साल पुलवामा में सुरक्षा बलों पर हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि। वे असाधारण लोग थे, जिन्होंने हमारे देश की सुरक्षा और सेवा करने में अपना जीवन समर्पित कर दिया। भारत उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा। पीएम मोदी के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘’मैं पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देता हूं। भारत हमेशा हमारे बहादुरों और उनके परिवारों का आभारी रहेगा, जिन्होंने हमारी मातृभूमि की संप्रभुता और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।’’

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर आतंकी हमले की आज, 14 फरवरी को पहली बरसी है। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद पूरा देश सहम गया था। बाद में भारतीय वायुसेना ने पीओके में घुसकर एयरस्ट्राइक की और आतंकी कैंप को निशाना बनाया।

राहुल गांधी ने किया विवादित ट्वीट

वहीँ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का पुलवामा हमले को लेकर एक विवादित ट्वीट सामने आया है जिसमें उन्होंने सवाल किया है कि इस हमले से सबसे ज्यादा फायदा किसे हुआ है? राहुल गांधी के इस विवादित ट्वीट के बाद भाजपा भी गांधी परिवार पर हमलावर हो गई है। भाजपा नेता संबित पात्रा ने यहां तक कहा कि इनका शरीर ही नहीं आत्मा तक भ्रष्ट हो चुकी है।

कपिल मिश्रा ने भी किया पलटवार

राहुल गांधी के इस सवाल पर बीजेपी के एक अन्य नेता कपिल मिश्रा ने भी उनपर निशाना साधा है। राहुल गांधी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए बीजेपी नेता और हाल ही में दिल्ली चुनाव हारने वाले कपिल मिश्रा ने कहा, ‘’शर्म करो राहुल गांधी। पूछते हो पुलवामा हमले से किसका फायदा हुआ? अगर देश ने पूछ लिया कि इंदिरा-राजीव की हत्या से किसका फायदा हुआ, फिर क्या बोलोगे? इतनी घटिया राजनीति मत करो। शर्म करो।’’

क्या हुआ था उस दिन

जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ का काफिला गुजर रहा था। सामान्य दिन की तरह ही उस दिन भी सीआरपीएफ के वाहनों का काफिला अपनी धुन में जा रहा था। तभी तभी एक कार ने सड़क की दूसरी तरफ से आकर इस काफिले के साथ चल रहे वाहन में टक्कर मार दी। इसके साथ ही एक जबरदस्त धमाका हुआ। यह आत्मघाती हमला इतना बड़ा था कि मौके पर ही सीआरपीएफ के करीब 40 जवान शहीद हो गए।