भारत के पांच दिनों के दौरे पर नीदरलैंड के राजा और रानी, प्रधानमंत्री मोदी ने की मुलाकात

King-and-queen-of-the-Netherlands arrived in India

नीदरलैंड के राजा विलियम एलेक्जेंडर और रानी क्वीन मैक्सिमा रविवार की रात अपनी पांच दिनों की यात्रा पर भारत पहुंचे। नई दिल्ली के हवाई अड्डे पर शाही जोड़े का पारंपरिक स्वागत किया गया। इस दौरान कई अधिकारी भी मौजूद थे। नीदरलैंड के राजा का 2013 में राजकाज की बागडोर संभालने के बाद यह पहला भारत दौरा है जबकि रानी मैक्सिमा संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष दूत के रूप में पिछले वर्ष भी भारत की यात्रा पर आई थी । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शाही जोड़ें को भारत आने का न्यौता दिया था।

Prime Minister Modi met the King and Queen of the Netherlands

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां नीदरलैंड के राजा विलियम एलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा के साथ मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री और शाही जोड़े ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने पर विचार किया।

गौरतलब है की भारत और नीदरलैंड का 12.87 बिलियन अमरीकी डॉलर (2018-2019) का द्विपक्षीय व्यापार कारोबार है। नीदरलैंड 2000 और 2017 के बीच 23 बिलियन अमरीकी डालर के निवेश के साथ भारत में 5 वां सबसे बड़ा निवेशक रहा है। यूरोप महाद्वीप में नीदरलैंड भारतीय प्रवासियों का मजबूत घर है। यहां करीब 235,000 भारतीय रहता हैं। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Prime Minister Modi with King of the Netherlands

इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नीदरलैंड की रानी और राजा विलियम एलेक्जेंडर के लिए सोमवार को डिनर का आयोजन किया था।

शाही दंपत्ति ने पीएम मोदी से मुलाक़ात के बाद नई दिल्ली में 25 वें प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में भाग लिया। जिसका आयोजन भारत और नीदरलैंड के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने के लिए मंगलवार से राष्ट्रीय राजधानी में शुरू हुआ है। नीदरलैंड के राजा विलेम-एलेक्जेंडर ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर विज्ञान के क्षेत्र में तेजी से विकास के लिए भारत की तारीफ करते हुये कहा कि भारत सूचना प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने वाले अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है।

नीदरलैंड के राजा ने कहा कि कृषि, जल प्रबंधन एवं जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में यूरोपीय देश के पास काफी ज्ञान है। उसके पास पंजाब से भी कम जमीन है इसके बावजूद वह दुनिया का दूसरा बड़ा कृषि उत्पाद निर्यातक है। उन्होंने कहा कि पानी नीदरलैंड के डीएनए में है और जल प्रबंधन के बिना उसका अस्तित्व ही संभव नहीं है। एलेक्जेंडर ने कहा कि भारत और नीदरलैंड एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों में एक-दूसरे को और मजबूत बनाने की क्षमता है।

इस मौके पर उपस्थित केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि खेतीबाड़ी के बारे में भारतीय ज्ञान तथा जल प्रबंधन के बारे में नीदरलैंड का ज्ञान मिलकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसानों की आमदनी दुगुनी करने में मददगार हो सकते हैं। उन्होंने सम्मेलन में शामिल हो रही दोनों देशों की कंपनियों से स्टार्टअप को समर्थन देने की अपील की।

अपनी इस यात्रा के दौरान शाही जोड़ा नयी दिल्ली के अलावा मुंबई और केरल भी जायेंगे।