प्रधानमंत्री मोदी ने जनता को समर्पित किया करतारपुर कॉरिडोर

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Prime Minister Modi dedicates Kartarpur corridor to the public

आखिरकार सिख समुदाय की सालों पुरानी इच्छा आज पूरी हो ही गई। 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पंजाब के गुरदासपुर में ऐतिहासिक करतारपुर कॉरिडोर देश को समर्पित कर दिया है। अब सिख संगत श्री गुरु नानक देव जी के पाकिस्तान के नरोवाल जिले के गांव करतारपुर स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने जा सकेंगे।

उन्होंने डेरा बाबा नानक स्थित कॉरिडोर के चेकपोस्ट् से 550 श्रद्धालुओं का पहला जत्था करतारपुर रवाना किया। मोदी ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और अन्य नेताओं के साथ लंगर में भोजन किया। उन्होंने रैली में कहा कि कॉरिडोर को कम वक्त में तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान को धन्यवाद देता हूं। इस कॉरिडोर का निर्माण कार्य 11 महीने में पूरा हुआ है।

इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मैं आज देश को करतारपुर साहिब कॉरिडोर समर्पित कर रहा हूं। मैं आप सभी को, पूरे देश को, दुनिया भर में बसे सिख भाई-बहनों को बधाई देता हूं।

उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब के कण-कण में गुरु नानक देव जी की खुशबू समाहित है। इसी धरती पर उन्होंने जीवन के आखिरी पल बिताए। यहीं पर उन्होंने आखिरी सांस ली। यहीं पर उन्होंने इक ओंकार और मिल बांटकर खाने का संदेश दुनिया को दिया। गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से ठीक पहले करतारपुर कॉरिडोर का खुलना हम सभी के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है। कॉरिडोर के शुरू होने से सिखों की सालों पुरानी मुराद पूरी हुई है।

मोदी ने बेर साहिब गुरुद्वारे में माथा टेका

मोदी सुबह करीब 11 बजे डेरा बाबा नानक पहुंचे थे। उन्होंने सुल्तानपुर लोधी में बेर साहिब गुरुद्वारे में माथा टेका। उधर, सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था भारत से पाकिस्तान स्थित करतारपुर कॉरिडोर पहुंचा। डेरा बाबा नानक में अकाली नेता सुखबीर बादल, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, गुरदासपुर से सांसद सन्नी देयोल ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। यहां मोदी ने भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया। उधर, पंजाब के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करतारपुर कॉरिडोर टर्मिनल से पहले जत्थे के साथ करतारपुर साहिब के दर्शन करने पाकिस्तान रवाना हुए।

कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे है पाकिस्तान में

इन गुरुद्वारों में पंजा साहिब(रावलपिंडी), ननकाना साहिब, डेरा साहिब लाहौर और करतारपुर साहिब खास तौर पर शामिल हैं। इन गुरुद्वारों में भारतीयों के जाने पर पाबंदी थी। लेकिन अब भारतीय सिख संगत का 70 साल लंबा इंतजार शनिवार को खत्म हो गया। पाकिस्तान ने ऐतिहासिक गुरुद्वारा करतारपुर साहिब को भारत के साथ जोड़ने के लिए सहमति जताई। उसके बाद दोनों देशों के बीच एक समझौते के तहत इस कॉरिडोर का निर्माण किया गया।

 


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •