प्रधानमंत्री ने बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी

Happy Saraswati Puja

आज वसंत पंचमी माँ सरस्वती उर्फ ज्ञान, बुद्धि, विद्या की देवी की पूजा का दिन है। देशभर में आज बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने इस पावन पर्व की सभी देशवासियों को बधाई दी। बता दे की छह ऋतुओं में, शीत ऋतु के समापन और ग्रीष्म ऋतु से पहले वसंत ऋतु का आगमन होता है तथा भारत के विभिन्न भागों में वसंत पंचमी पर्व को अलग अलग रूपों में मनाया जाता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘प्रकृति के नव हर्ष और नव उत्कर्ष से जुड़े पर्व बसंत पंचमी की सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई।’ उन्होंने कहा, ‘मैं विद्यादायिनी मां सरस्वती से यह भी प्रार्थना करता हूं कि हम सब के जीवन को बुद्धि और ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करें।’

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इस पावन पर्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं। मां सरस्वती का आशीर्वाद हमें ज्ञान और ज्ञान की खोज में, और एक सच्चे ज्ञान और समाज के निर्माण के लिए प्रेरित कर सकता है।’

बसंत पंचमी पर क्यों मनाया जाता है सरस्वती पूजा?

Happy Saraswati Puja

बसंत पंचमी को श्री पंचमी, सरस्वती पंचमी, ऋषि पंचमी नामों से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का जन्म हुआ था। ऋग्वेद के अनुसार ब्रह्मा जी अपनी सृष्टी के सृजन से संतुष्ट नहीं थे। चारों तरफ मौन छाया हुआ था। तब उन्होंने अपने कमण्डल से जल का छिड़काव किया, जिससे हाथ में वीणा लिए एक चतुर्भुजी स्त्री प्रकट हुईं। ब्रह्माजी के आदेश पर देवी ने वीणा पर मधुर सुर छेड़ा जिससे संसार को ध्वनि और वाणी मिली। इसके बाद ब्रह्मा जी ने इस देवी का नाम सरस्वती रखा, जिन्हें शारदा और वीणावादनी के नाम से भी जानते हैं। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का पूजन करते हैं।