कोरोना व्यस्तता के कारण पिछले 5 महीनों मे कोई विदेश यात्रा नहीं की प्रधानमंत्री ने

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

कोरोना के खिलाफ जंग मे आज भारत विश्व के विकसित देशों से भी आगे है | यहाँ कोरोना के फैलाव को तेजी से रोकने मे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिये गये महत्वपूर्ण फैसलों का अहम योगदान रहा | प्रधानमंत्री ने समय रहते एक के बाद एक कुछ कड़े फैसले लेकर इसे देश मे ज्यादा लोगों को संक्रमित करने से रोका | इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने समय समय पर देश के लोगों के हौसले को भी बढ़ाया |

इन सब मे प्रधानमंत्री को अपने कुछ जरूरी विदेश दौरे भी रद्द करने पड़े | पिछले करीब एक महीने से देश की 135 करोड़ की आबादी घर में कैद है। लेकिन, लॉकडाउन की वजह से सिर्फ आम लोग ही नहीं, जो कहीं आ-जा नहीं पा रहे। बल्कि, प्रधानमंत्री मोदी भी कहीं आ-जा नहीं पा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी को विदेश से लौटे आज 5 महीने, 6 दिन हो चुके हैं। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद 6 साल में ये दूसरी बार है, जब वे इतने लंबे समय तक देश में ही हैं। 

इससे पहले मोदी ने 2016-17 में 6 महीने तक कोई विदेश यात्रा नहीं की थी। उस समय मोदी 12 नवंबर 2016 को जापान से लौटे थे और उसके बाद 11 मई 2017 को श्रीलंका के दौरे पर गए थे। हालांकि, उस समय देश में चुनाव भी थे। मार्च 2017 में उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में चुनाव हुए थे। 

हर साल 10 से ज्यादा विदेशी यात्राएं करते हैं मोदी

मोदी को प्रधानमंत्री बने करीब 5 साल 11 महीने हो चुके हैं। मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार और 30 मई 2019 को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, मोदी ने 2014 से लेकर अब तक 59 बार विदेश के लिए रवाना हुए हैं। इस दौरान उन्होंने 106 देश (इनमें 2 या उससे ज्यादा दौरे भी) की यात्रा की है। मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, तब से हर साल 10 से ज्यादा विदेशी यात्राएं करते हैं। 

विदेश दौरों का असर 

मोदी के विदेश का असर हमे कई सेक्टर मे देखने को मिला है | ये प्रधानमंत्री के विदेश दौरों का ही असर है कि दुनियाभर मे आर्थिक मंदी के बावजूद भारत अभी तक इससे अछूता रहा है | लगभग सारे देशों के साथ आज भारत के दोस्ताना सम्बन्ध हैं तो इसका श्रेय भी मोदी की कूटनीति तथा विदेश यात्राओं को ही जाता है | सर्जिकल स्ट्राइक तथा 370 जैसे मुद्दों पर भी किसी भी प्रमुख देश ने भारत के खिलाफ कुछ भी नही कहा तो सिर्फ इस लिये कि मोदी के पहले ही सबके साथ अच्छे सम्बन्ध हैं |
  


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •