देश के बहादुर बच्चों के साहसिक कार्यों की प्रधानमंत्री ने की सराहना

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को अपने आवास पर राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित 49 बच्चों से मुलाकात की। पीएम ने इन बच्चों से बात करते हुए उनके कार्यों की सराहना की और अपने जीवन से जुड़े कई किस्से भी सुनाए।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित 49 बच्चों के साथ बातचीत में मोदी ने कहा कि इतनी कम उम्र में इन बच्चों के अदभुत कार्य को देखकर वे हैरान हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने कठिन परिस्थितियों में लड़ने का साहस दिखाया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के साहसिक कार्यों के विषय में सोचने भर से ही लोगों के पसीने छूट जाते हैं।

बता दे की प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा 22 जनवरी को प्रदान किये गए थे। पुरस्कार विजेता गणतंत्र दिवस परेड में भी भाग लेंगे। बहादुर बच्चों की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके वीरतापूर्ण कारनामों ने उन्हें प्रेरित किया है और वे उनकी कहानियों को सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया के साथ साझा करेंगे।

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित बच्चों के कार्यों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें गर्व महसूस हो रहा है कि बच्चे समाज और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को लेकर जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बच्चों से प्रेरणा और ऊर्जा मिलती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यक्ति को सराहनाओं और उपलब्धियों से संतुष्ट होकर नहीं बैठना चाहिए बल्कि देश के प्रति आगे भी योगदान करने के बारे में सोचना चाहिए। प्रधानमंत्री ने बच्चों के साथ अपने जीवन का एक दिलचस्प वाकया साझा करते हुए कहा कि कई साल पहले किसी ने उनके चेहरे के तेज का कारण पूछा था। इसके जवाब में मोदी ने कहा कि असल में वह शारीरिक रूप से कड़ी मेहनत करते हैं जिसके कारण उन्हें काफी पसीना आता है और वह उसी पसीने से चेहरे की मालिश करते हैं जिससे उनका चेहरा चमक जाता है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से पुलिस स्मारक देखने की अपील करते हुए कहा कि आजादी के बाद से अब तक देश में 33 हजार पुलिस के जवान शहीद हुए हैं। उस पुलिस के प्रति आदर का भाव पुरे देश में होना चाहिए।

गौरतलब है की प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार का उद्देश्य बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए प्रोत्साहित करना और उनके लिए विशिष्ट कार्य करने वाले संस्थानों के प्रयासों को महत्व देना है। बाल शक्ति पुरस्कार नवाचार, सामाजिक सेवा, शिक्षा , खेल, बहादुरी तथा कला और संस्कृति के क्षेत्रों में दिया जाता है। पुरस्कार के तहत पदक, प्रमाणपत्र, प्रशस्ति पत्र और एक लाख रूपये की ईनाम राशि दी जाती है।