राज्यपाल की सिफारिश के बाद महाराष्ट्र में लगा राष्ट्रपति शासन

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महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की सिफारिश को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है, और इसके साथ ही महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग गया है। ये कोई पहला मौका नहीं है, जब राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ है। इससे पहले भी तीन बार यहां राष्ट्रपति शासन लागू हो चुका है। लेकिन राज्य में सरकार बनाने की कोशिशों में जुटी शिवसेना के लिए महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगना बड़ा झटका है। हालांकि महाराष्ट्र में सरकार बनाने का विकल्प अभी खत्म नहीं हुआ है।

राज्यपाल के फैसले से नाराज़ शिवसेना ने कोर्ट में जाने की चुनौती दी है। बता दें कि भाजपा द्वारा सरकार बनाने से इंकार के बाद राज्यपाल ने शिवसेना को सरकार बनाने का न्योता दिया था। जिसकी समय सीमा सोमवार को शाम 7.30 बजे तक थी। हालांकि तय समय के भीतर शिवसेना सरकार बनाने के लिए कांग्रेस का समर्थन नहीं जुटा पायी। इसके बाद शिवसेना नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात कर और समय देने की मांग की थी जिसको राज्यपाल ने इंकार कर दिया। अब राज्यपाल के फैसले से नाराज़ शिवसेना कह रही है कि राज्यपाल ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए 48 घंटे का वक्त दिया था, उसे केवल 24 घंटे का ही वक्त क्यों मिला। इसे लेकर शिवसेना अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करते हुए कहा था कि प्रदेश में सरकार बनने के आसार नहीं दिख रहे थे। जिसे देखते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया है। सूत्रों ने बताया कि सहयोगियों ने शिवसेना को समर्थन देने के बदले सरकार में 50-50 यानी आधी हिस्सेदारी की मांग की है। सूत्रों ने बताया कि ऐसा होता है तो महाराष्ट्र में सरकार बनने का रास्ता साफ होने के आसार हैं।

अब ये हैं महाराष्ट्र में सरकार गठन के विकल्प

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद भी सरकार गठन के विकल्प बचे हुए हैं। हालांकि अब यह राज्यपाल पर निर्भर करेगा कि वह राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाकर राजनैतिक दलों को सरकार गठन के लिए आमंत्रित करें। यदि भाजपा, शिवसेना या एनसीपी बहुमत का आंकड़ा लेकर राज्यपाल के पास जाते हैं और राज्यपाल के सामने सरकार बनाने की योग्यता साबित कर देते हैं तो राज्यपाल राष्ट्रपति शासन खत्म करने की सिफारिश कर सकते हैं। राज्यपाल सरकार बनाने का दावा करने वाली पार्टी से समर्थन पत्र भी मांग सकते हैं या फिर बहुमत का आंकड़ा देखने के लिए अपने सामने विधायकों की परेड भी करा सकते हैं।

24 अक्टूबर को घोषित हुए थे परिणाम

Maharashtra-Election-2019 Result | PC - Jagran

महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे 24 अक्टूबर को ही घोषित हो चुके थे। आंकड़ों में शिवसेना-भाजपा गठबंधन को अस्पस्ट बहुमत थी। इसके बावजूद मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर सहयोगी दलों में बातचीत नहीं बन सकी।

 


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