लखनऊ में CAA प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले 57 उपद्रवियों के लगे पोस्टर, वसूले जायेंगे 88,62,537 रुपए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोध प्रदर्शन के नाम पर उपद्रव करने वालों के खिलाफ एक्शन मोड में है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू होने के बाद 19 दिसंबर को हुई हिंसा में शामिल 57 लोगों को लखनऊ पुलिस ने भरे चौराहे पर बेआबरू कर दिया है। तस्वीरों और नाम पते के साथ इनके बड़े-बड़े पोस्टर लखनऊ में उन इलाकों में लगवाए है, जहां इन्होंने तोड़फोड़ की थी। इन्हें हिंसा के कारण हुए नुकसान की भरपाई का फरमान जारी किया गया है। इस पोस्टर में कई बड़े नाम हैं। जैसे पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी, सामाजिक कार्यकर्ता सदफ जफर, मौलाना सैफ अब्बास और रंगकर्मी दीपक मिश्रा। इन सभी पर लखनऊ में 19 दिसंबर को हिंसा भड़काने का आरोप है। लखनऊ प्रशासन ने इन्हें वसूली का फाइनल नोटिस जारी किया था। आपको बता दे की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएए विरोधी हिंसा के बाद कहा था कि प्रदर्शन के नाम पर हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा था कि जिन लोगों ने संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है उनकी संपत्ति की सीज किया जाएगा और उनसे हुए नुकसान की भरपाई कराई जाएगी।

लखनऊ में जगह-जगह लगाए गए पोस्टर

डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहा- अगर तय वक्त पर इन लोगों ने जुर्माना नहीं चुकाया तो कुर्की की जाएगी। प्रशासन ने हसनगंज, हजरतगंज, केसरबाग और ठाकुरगंज इलाके में 57 लोगों से 88,62,537 रुपए वसूले जाने की बात भी कही है। प्रशासन द्वारा लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर 100 होर्डिंग्स लगाई गई हैं। इन होर्डिंग्स में 57 लोगों के नाम और पते उजागर किए गए हैं।

गौरतलब है की 19 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद लखनऊ के चार थाना क्षेत्रों में हिंसा फैल गई थी। इनमें ठाकुरगंज, हजरतगंज, केसरबाग और हसनगंज का नाम शामिल है। तोड़फोड़ करने वालों ने इलाके में निजी वाहनों को आग लगा दी थी। राज्य सरकार ने भरपाई उपद्रवियों से करवाए जाने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने फोटो-वीडियो के आधार पर 150 से अधिक लोगों को नोटिस भेजे थे। इनमें जांच के बाद मिले सबूतों के आधार पर प्रशासन ने 57 लोगों को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया था।

बाकियों को मिलेगा सबक: डीएम

डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहा- चार थाना क्षेत्रों में एक करोड़ 88 लाख 62 हजार 537 रुपए की रिकवरी के तीन आदेश जारी किए जा चुके हैं। पुलिस द्वारा सबूत उपलब्ध करवाए जाने के बाद बाकियों से भी वसूली की जाएगी।सभी को नोटिस जारी होने की तारीख से 30 दिन का समय दिया गया है। अगर निर्धारित समय तक शुल्क नहीं जमा किया गया तो फिर संपत्ति कुर्क की जाएगी। इससे बाकियों को भी सबक मिलेगा कि किसी के बहकावे में न आएं। न किसी संपत्ति को नुकसान पहुंचाएं, अन्यथा उनकी फोटो भी सार्वजनिक की जाएगी।

लखनऊ में हिंसा करने वाले उपद्रवियों की संख्या: