कोरोना के पॉजिटिव साइड इफेक्ट्स

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हर सिक्के के हमेशा दो पहलू होते हैं। कोरोना जैसे महासंकट में भी जाने-अनजाने कुछ ऐसी अच्छी बातें हो रही हैं, जो सामान्य दिनों में संभव नहीं हो पाती हैं। वह चाहे पर्यावरण पर पड़े बेहद सकारात्मक असर की बात हो या फिर पड़ोसियों से बढ़ी मेलजोल हो, कुछ बातें इस आफत की घड़ी में भी हमारे चेहरे पर मुस्कान ला रही है। आइए जानते हैं, ऐसे ही कोरोना के कुछ पॉजिटिव साइड इफेक्ट्स के बारे में… 

कोरोना से लॉकडाउन पर सबसे अच्छा असर पर्यावरण पर

कोरोना वायरस के चलते निराशा के बीच देश में एक अच्छा काम भी हुआ है और वो है देश के पर्यावरण को लेकर देश का कोई भी हिस्सा हो हर हिस्से में आज प्रदूषण कम हुआ है. खासकर महानगरों में तो हवा बहुत ही ज्यादा बेहतर हो गई है। इसके साथ साथ ध्वनि प्रदूषण के कम होने से भी कई तरह के फायदे पर्यावरणविद् बता रहे हैं। 

दुनियाभर में प्रचारित हुआ ‘नमस्ते’ 

कोरोना का ही असर देखा जा रहा है कि देश हो या विदेश हर जगह आपसी अभिनंदन का तरीका बदल गया है। आज समूचा विश्व भारतीय संस्कृति को अपनाता हुआ नमस्ते कर रहा है। जिससे ये साफ होता है कि भारतीय संस्कृति युगों से किसी भी तरह की बीमारी से निपटने के लिए बेहतर थी। दूसरी तरफ समूचे विश्व में भारत का मान भी कोरोना से निपटने की तैयारी को लेकर बढ़ा है। 

शारीरिक, मानसिक सेहत पर बढ़ा ध्यान

जीवन की आपाधापी में शारीरिक-मानसिक सेहत पर ध्यान रखना भी मुश्किल हो गया था,  लेकिन अब लोग घरों में रहकर खूब एक्सरसाइज, योग, ध्यान आदि कर रहे हैं। संभव है कि लॉकडाउन के दरम्यान की ये आदतें आगे भी बनी रह जाएं। साथ ही साथ लोगों ने इस बीच शराब ,तंबाकू का सेवन भी कम हुआ है. जिससे लगता यही है कि इसके सेवन करने वालों की सख्या में आगे कमी देखी जा सकती है।

मानवता जागी, मदद के हाथ बढ़े

मानवता ये शब्द हम जीवन के भागदौड़ में कहीं भूल गये थे लेकिन कोरोना वायरस के चलते देश में जब से लॉकडाउन किया गया है तब से देश एक परिवार की तरह दिखने लगा है हर आदमी किसी न किसी तरह से दूसरे की मदद करने के लिये खड़े दिख रहे हैं। कुछ लोग भोजन करवा रहे हैं तो कुछ लोग पैसा दान करके मदद कर रहे हैं। जो आज के दौर में भारत की ताकत बना हुआ है।

पड़ोसियों से बढ़ी मेलजोल

इस दौरान जिन पड़ोसियों के बारे में वर्षों से पता नहीं था या यूँ कहें  जिनका चेहरा देखे लंबा वक्त बीत गया था  अब उनके साथ मेल-मिलाप का वक्त मिल गया। एक-दूसरे से फुर्सत में बातचीत कर रहे हैं। अब वे एक-दूसरे से वाई-फाई के पासवर्ड शेयर कर रहे हैं। बाकी परेशानियों में भी मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं। 

अपराध में भारी कमी

लॉकडाउन के दौरान अगर अपराध की बात करें तो इसमे भी काफी गिरावट देखी जा रही है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो 15 मार्च के बाद से लूटपाट, वाहन चोरी और अन्य अपराधों से जुड़े मामले समेत करीब 2,000 मामले दर्ज किए हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 42 प्रतिशत कम है। पुलिस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की इसी अवधि के दौरान 3,415 मामलों की तुलना में इस साल 15 से 31 मार्च तक कुल 1,971 मामले दर्ज किए गए हैं। ये तो सिर्फ दिल्ली की बात है ऐसे ही देश के दूसरे राज्यों से भी खबरे आ रही है।

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मतलब साफ है कि कोरोना की इस माहामारी के बीच में जो निराशा के बादल छाये हुए है उनके बीच में ये पॉजिटिव साइड ऊंट के मुंह में जीरा के समान है लेकिन जब इस काली रात से अब नये उजाले की तरफ पहुंच जायेंगे तो भी इन बातो का ध्यान रखेंगे। जिससे इस धरा का संतुलन बेहतर बना रहे।


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