पोखरण परीक्षण, अटल सोच ने भारत को शक्तिशाली देशों में शुमार किया

इतिहास गवाह है कि भारत को जब जब चुनौतियों का सामना करना पड़ा है वो हरबार और निखरकर किसी सोने की तरह तप कर बाहर निकला है और उसने दूनिया को दिखाया है कि  भारत मानव समाज और जगत कल्याण में पीछे नही रहता तो राष्ट्रहित में किसी के दबाव में आकर फैसला नही लेता। इस धरती पर ऐसे ऐसे वीर पैदा हुए हैं जिन्होंने सिर झुकने के बजाये कटवाने में यकीन किया है। लेकिन अपने आत्मसम्मान से कभी भी समझौता नही किया है इसी की एक बानगी 11 मई 1998 को उसवक्त देखने को मिली जब भारत ने पोखरण में 5 परमाणु परीक्षण करके दुनिया को दंग कर दिया था।

90 के दशक में भारत

ये वो दौर था, जब विश्व में कोल्ड वॉर खत्म हो गया था, रुस का कई भागों में विभाजन हो गया था तो अमेरिका विश्व में अपनी धाक जमाने के लिये खाड़ी युद्द के दौरान सभी देशों पर दवाब बढ़ाने में लगा हुआ था। इस दौर में पाकिस्तान भी कश्मीर में आतंकी घुसपैठ करके देश में माहौल बिगाड़ रहा था। वहीं देश में भी अस्थिरता का दौर देखा जा रहा था। मतलब साफ था कि भारत को लेकर विश्व में एक कमजोर राष्ट्र कि छवि बन रही थी इसी छवि को तोड़ने और लगातार विकास की राह पर चलने का एक छोटा नमूना भारत ने पोखरण परीक्षण करके दिखाया। अटल जी की सरकार ने दिखा दिया कि भारत एक शक्तिशाली देश है जो किसी के दबाव के बिना अपने राष्ट्र के लिये काम करता है। फिर परिस्थिति कुछ भी क्यों न हो। इतना ही नहीं इस ऑपरेशन को जिस तरह से किया गया उसे देखकर भी दुनिया के कई देश दंग रह गये। क्योंकि इतनी शक्तियां होने के बाद भी वो भारत की कुशल योजना के आगे पराजित हो गये थे।

सेना की वर्दी में वैज्ञानिक

दुनिया को चकमा देने और सकुशल इस मिशन को साकार करने के लिये खुद भारतीय वैज्ञानिकों ने उस दौरान आर्मी की वर्दी पहनकर पोखरण में काम किया था। खुद पूर्व राष्ट्रपति मिसाइलमैन’ अब्दुल कलाम भी सेना की वर्दी में वहां मौजूद थे, किसी को शक न हो इसके लिये वो खुद अकेले ही पोखरण में जाकर काम करते थे। ताजमहल और कुंभकरण जैसे कोडवर्ड्स का उपयोग किया गया जिससे दुनिया के देश ऑपरेशन शक्ति के बारे में जान न पाये और 11 मई को को इसका परीक्षण करके भारत ने अपनी ताकत से विश्व की पहचान करवाई। इतना ही नही इसी दिन भारत में बने पहले स्वदेशी विमान हंस ने भी उड़ान भरी थी और त्रिशूल का सफल परीक्षण भी इसी दिन हुआ था।

 प्रतिबंधो को दिया करारा जवाब

पोखरण परीक्षण के बाद भारत से जलने वाले देशों ने भारत पर कड़े प्रतिबंध लगा दिये हालांकि देश की सरकार और जनता के हौंसले के आगे ये प्रतिबंध बौने ही दिखाई दिये। देश ने उस दौर में प्रण लेकर दिखा दिया कि वो प्रतिबंधों से घबराने वालों में से नही है। भारत पर लगे हर प्रतिबंध का जवाब भारत ने विकास की क्षमता को बढ़ाकर पेश किया जिसके चलते दुनिया को भारत के आगे झुकना पड़ा और प्रतिबंधों को हटाना पड़ा

अटल जी की सरकार के इस एक फैसले के बाद भारत के प्रति विश्व समुदाय का नजरिया ही बदल कर रख दिया, विश्व खुद कहने लगा कि भारत 21वीं सदी की वो ताकत है जो आने वाले दिनों में विश्व को मार्ग दिखायेगी आज वो सपना मोदी जी के राज में पूरा हो रहा है। भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़कर विश्व का नेतृत्व कर रहा है।