कोरोना से निपटने के लिये पीएम का मेगाप्लान

कोरोना माहामारी पर मोदी सरकार अब निपटने के लिए मेगाप्लान बना रही है यानी की सरकार अब कोरोना पर अंतिम और ताकतवर प्रहार करने जा रही है और इसकी कमान खुद पीएम मोदी ने संभाली जिसके चलते अब खुद पीएम मोदी देश के कई शहरों के डीएम से सीधे बात करके कोरोना को हराने की रणनीति तैयार करेंगे।

18 और 20 मई को सीधे शहरों के डीएम से पीएम करेंगे संवाद

देश में कोरोना के हालात को बेहतर बनाने के लिये केंद्र सरकार लगातार कवायद करने में जुटी हुई है। खुद पीएम इस आपदा से निपटने के लिए मोर्चा संभाले हुए है जिसके चलते हर दिन वो देश के अलग अलग राज्यों के सीएम से तो बात कर ही रहें है साथ में अधिकारियों से भी हालात पर जायजा भी ले रहे है इसी क्रम में पीएम मोदी अब एक एक शहर का हाल जानने के लिये देश के कई शहरों के डीएम से सीधे मुखातिब होने जा रहे है। सरकार की माने तो पीएम मोदी 18 मई को 9 राज्यों के 46 डीएम से कोरोना को लेकर चर्चा करेंगे तो 20 मई को 10 राज्यों के 54 डीएम के साथ मिलकर कोरोना को पराजित करने की रणनीति तैयार करेंगे। इस बैठक में पीएम के साथ राज्य के सीएम भी हिस्सा लेगे। माना जा रहा है कि ये वो शहर है जहां पर कोरोना का कहर अभी भी जारी है। ऐसा करने से ये तो है की पीएम मोदी को इन शहरो में क्या दिक्कत आ रही है और कहां खामिया देखने को मिल रही है। इसकी सटीक जानकारी मिलेगी जिसके बाद वो मेगा प्लान बनाकर कोरोना पर लगाम लगा सकते है।

कोरोना आपदा के हर छोटे बड़े पहलू पर पीएम की नजर

वैसे अगर देखा जाये तो मोदी जी लगातार राज्यों को कोरोना की दूसरी लहर से सावधान और नियम में कोताही नहीं बरते की बात साल की शुरूआत से करते आये है। जब पीएम मोदी ने वैक्सीन लगाने का काम शुरू किया था। जब भी उन्होने सभी से बोला था दवाई भी कढ़ाई भी लेकिन शायद कुछ लोग इस बात को भूल गये जिसके बाद देश में इस तरह से हालात बन गये है लेकिन पीएम मोदी अब इस हालात पर काबू पाने के लिये लगातार प्रयास कर रहे है। जिसके चलते हर छोटे से छोटे और बड़े से बड़े पहलू पर वो खुद नजर रख रहे है जिसके चलते ही वो शहरों से सीधे जुड़ने जा रहे है। हालाकि कुछ लोग इसपर भी सियासत कर रहे है और बोल रहे है कि पीएम को ऐसा नही करना चाहिये आखिर ऐसे लोगों को डर किस बात का है जो वो ऐसे वक्त पर इस बैठक से भयभीत हो रहे है। ऐसे में लगता तो यही है कि वो इस लिये परेशान हो रहे है कि कही हकीकत सामने ना आ जाये जिससे ये साफ हो जाये की उनकी कोताही के चलते ही देश आज इस आपदा से परेशान हो रहा है।

लोग कुछ भी बोले पर मोदी जी की इस बैठक का महज एक ही लक्ष्य है और वो है कोरोना पर अंतिम प्रहार जिससे देश इस महामारी को हराकर आगे बढ़ सके।