पीएम का हौसला, जनता का काम, जग में हो रहा भारत का नाम 

कौन कहता है कि आसमान में सुराग नही हो सकता बस एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों या यूं कहें कि अगर सफल बनने की अलख जगा दी जाती है तो जीत की रौशनी जरूर फैलती है। क्योंकि जहां चाह होती है वहां राह खुद ब खुद तैयार हो जाती है। कुछ ऐसा ही कोरोना संकट के वक्त भारत में हुआ। आज भारत पीपीई किट बनाने वाला दूसरा देश बन गया है। जो मेक इन इंडिया की ताकत को दर्शाता है।

शून्य से शिखर की तरफ

कहते है न कि अगर हौंसला बुलंद है और साफगोशी के साथ मंजिल को पाने निकलते हैं तो मंजिल जरूर मिलती है। खासकर भारत के लोग जब भी कुछ ठान लेते हैं तो वो पूरा करके ही दम लेते हैं इसका उदाहरण कई बार देखने को मिला है। लेकिन इस बार भारत ने वो करके दिखा दिया है जो करना बहुत कठिन था। क्योंकि देश जब कोरोना वायरस से जंग लड़ रहा था और उससे उपजी चुनौतियों को मात देने के लिये आत्मनिर्भर बनने के लिए साहस जुटा रहा था और चुनौतियों को अवसर में बदलना तो हम भारतीयों को खूब आता है तभी तो हमने पीपीई, मास्क और वेंटिलेटर की अपनी जरूरतें पूरी करने को भारत ने ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बड़ी छलांग लगाई है। भारत पीपीई निर्माण में चीन के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। उम्मीद है कि अगले छह महीने में भारत चीन को भी पीछे छोड़ सकता है। जानकारो की माने तो हम चीन के बाद पीपीई का सबसे ज्यादा निर्माण कर रहे हैं लेकिन हमने अभी निर्माण शुरू किया है। अगले छह महीने में भारत 250 निर्माताओं के जरिए चीन को पीछे छोड़ देगा। अब हम निर्यात भी करेंगे और एक बड़े वैश्विक किरदार के रूप में उभरेंगे।  इतना ही नही इसके साथ विश्व में सबसे सस्ते वेंटिलेटर भी भारत ने बनाये हैं जिसे जल्द ही भारत दूसरे देशों को भी बेचने जा रहा है। इसके साथ साथ आईआईटी कानपुर ने कोरोना किलर बॉक्स तैयार किया है। इससे सब्जियां, फल, चीनी, दूध, दालें, मोबाइल, रुपये और चाबी आदि को मिनटों में पराबैंगनी किरणों से साफ किया जा सकता है। आईआईटी मद्रास के इनक्यूबेटेड स्टार्ट-अप ने अस्पतालों, क्लीनिकों से उत्पन्न कचरे से कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए एक ‘स्मार्ट बिन सिस्टम’ विकसित किया है।

जब जब भारत ने ठाना है ,पूरा करके माना है

इतनी बड़ी सफलता मिलने के पीछे अगर मेक इन इंडिया का जिक्र न हो तो बात अधूरी रह जायेगी क्योंकि मोदी सरकार की यही एक ऐसी स्कीम है जो भारत को लगातार आत्मनिर्भर बना रही है। इसी के तहत आज पीपीई किट, मास्क या दूसरे सामान बनाने में भारत शिखर की ओर बढ़ रहा है। क्योंकि देश में मोदी सरकार के आने के बाद लोगों को ऐसी सुविधाएं दी जा रही है। वही कुछ नया करने के लिये सस्ते कर्ज उपलब्ध करवाये जा रहे हैं जिससे देश आगे की और बढ़ रहा है। जिसका नतीजा ये निकल के आ रहा है कि भारत में वो सब वस्तुएं बनने लगी है जो पहले लोगों ने सोचा नही था खुद दुनिया के कारोबारी भारत को एक बड़ा करोबारी अड्डा मान रहे हैं तो भारत के कार्य की सराहना भी करने में लगे हैं। पीएम मोदी ने कई भाषणों में देशवासियों के भीतर सोए हुए जज्बे को जगाकर ये बताने की कोशिश की थी कि हम क्यों नही कर पाएंगे। हम जरूर कर पाएंगे तभी आज देश में कोई चीज असंभव नही सबकुछ संभव होता जा रहा है.

दोस्तों यही एक कुशल नेतृत्व  का करिश्मा होता है जो देश के अंदर की अलख को जगाता है और फिर उस अलख को देशहित में प्रयोग करता है, 6 साल से पीएम मोदी जी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं और कह रहे हैं कि जब हौंसला बना लिया ऊंची उड़ान का तब कद क्या देखना आसमान का….