कोरोना पर पीएम ने बैठक में कुछ सीएम ने दिखाई उदासीनता

देश में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए एक बार फिर से पीएम मोदी ने कमान संभाल ली है। इस बाबत पीएम मोदी ने राज्यों के सीएम संग एक बैठक भी की और कोरोना को कैसे रोका जाये इस पर नई रणनीति भी तैयार की, हालाकि इतना संवेदनशील मुद्दा होने के बाद भी कुछ सीएम उदासीन ही दिखे।

पीएम मोदी ने टीका उत्सव मनाने की अपील

पीएम मोदी ने सीएम संग बैठक में जहां एक ओर कोरोना टेस्टिंग में तेजी लाने के लिये राज्यो से आवाहन किया तो दूसरी तरफ साफ कर दिया कि देस में लॉकडाउन लगाने की कोई जरूरत नही है। इसके साथ साथ उन्होने देश में 11 अप्रैल, ज्योतिबा फुले जी की जन्म जयंती और 14 अप्रैल, बाबा साहेब की जन्म जयंती के मौके पर ‘टीका उत्सव’ मनाने की अपील की। खुद पीएम ने बोला कि हमारा प्रयास यही होना चाहिए कि इस टीका उत्सव में हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट करें।मैं देश के युवाओं से भी आग्रह करूंगा कि आप अपने आसपास जो भी व्यक्ति 45 साल के ऊपर के हैं, उन्हें वैक्सीन लगवाने में हर संभव मदद करें। इतना ही नही वैक्सीनेशन के साथ साथ हमें ये भी ध्यान रखना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद की लापरवाही न बढ़े। हमें लोगों को ये बार-बार बताना होगा कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क और सावधानी जरूरी है। गौरतलब है कि पीएम मोदी इसके पहले राज्य के सीएम के साथ करीब एक दर्जन से ज्यादा बार बैठक कर चुके है। पीएम ने देश के हर सीएम को ये भी विश्वास दिलाया कि केंद्र सरकार राज्य को हर तरह की मदद के लिये तैयार है। लेकिन राज्य को खुद भी कोरोना से निपटने के लिये युध्दस्तर पर काम करना होगा।

कोरोना जैसी खास बैठक में ममता गायब तो कुछ का रुख दिखा उदासीन

कोरोना पर पीएम मोदी की खास बैठक में एक बार फिर से ममता दीदी गायब रही वो चुनावी कार्यक्रम के चलते बैठक में शामिल नहीं हुई तो दूसरी तरफ जब पीएम मोदी अपनी बात या यूं बोले की कोरोना को लेकर पीएम मोदी अपना अनुभव सामने रख रहे थे तो कुछ सीएम काफी उदासीन लगे, खासकर उन राज्यो के सीएम जहां कोरोना से बीमार होने वाले लोगों हर दिन नया रिकार्ड बना रहे है। लेकिन ऐसे खास बैठक में कुछ खास बाते रखने की जगह वो सिर्फ टालामटोल करते हुए ही दिख रहे थे। मानो जैसे उन्हे इससे फर्क ही नही पड़ता की उनके राज्य में कोरोना से हालात त्रस्त किये है। दोस्तो ये वही लोग है जो मौके पर कोई ठोस सुझाव नही देते और जब हालात खराब होने लगते है तो दूसरों पर दोष लगाकर अपना किनारे हो जाते है। कोरोना के इस काल में ऐसे लोगों से सावधान रहना होगा क्योकि ये भी देश और राज्य के लिये काफी घातक साबित हो रहे है।

फिलहाल देश के नागरिको की जान और माल का नुकसान कम हो इसके लिये मोदी सरकार ने आगे आकर कमान संभाल ली है जिससे कोरोना का भय एक बार फिर से देश में कम हो इसके लिये दस राज्यो में केंद्र ने खास टीम भी भेज दी है। यानी कोरोना की रोकथाम में आज भी केंद्र सरकार पहले दिन की तरह ही काम कर रही है ऐसे में अब हमे भी सावधानी बरतकर कोरोना को तो हराना है बल्कि भारत को जिताना भी है।