ट्राई की रजत जयंती पर पीएम ने जारी किया डाक टिकट, बोले- 5G तकनीक लाएगी बदलाव

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण इस साल अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। रजत जयंती समारोह का पीएम मोदी ने मंगलवार को शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने एक विशेष डाक टिकट जारी किया। 5G टेक्नोलॉजी देश की गवर्नेंस में, जीने व कारोबार की सुगमता सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। 5Gi के रूप में जो देश का अपना 5G standard बनाया है, वो देश के लिए बहुत गर्व की बात है।ये देश के गांवों में 5G टेक्नोलॉजी पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। इससे खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स, हर सेक्टर में ग्रोथ को बल मिलेगा। इससे सुविधा भी बढ़ेगी और रोज़गार के भी अनेक अवसर बनेंगे।

 

5G-Testbed राष्ट्र को समर्पित
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘ये सुखद सहयोग है कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 25 वर्ष पूरे किए हैं। आज देश आजादी के अमृत काल में अगले 25 वर्ष के रोड मैप पर काम कर रहा है। थोड़ी देर पहले मुझे देश को खुद से निर्मित 5G-Testbed राष्ट्र को समर्पित करने का अवसर मिला है।

5G और 6G की तरफ कदम बढ़ा रहा देश
मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता और स्वस्थ स्पर्धा कैसे समाज में, अर्थव्यवस्था में गुणात्मक प्रभाव पैदा करती है, इसका एक बेहतरीन उदाहरण हमारा टेलिकॉम सेक्टर है। 2G काल की निराशा, हताशा, करप्शन, पॉलिसी पैरालिसिस से बाहर निकलकर देश ने 3G से 4G और अब 5G और 6G की तरफ तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं।

पौने दो लाख ग्राम पंचायतें ब्रॉडबैंड से जुड़ीं
पीएम ने कहा कि 2014 से पहले भारत में 100 ग्राम पंचायतें भी ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी से नहीं जुड़ी थीं। आज हम करीब पौने दो लाख ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचा चुके हैं। कुछ समय पहले सरकार ने देश के नक्सल प्रभावित अनेक जनजातीय जिलों में 4जी सुविधा पहुंचाने की बड़ी शुरुआत की है। बीते वर्षों में सरकार जिस तरह नई सोच और एप्रोच के साथ काम कर रही है, उससे आप सभी भली-भांति परिचित हैं। साइलो वाली सोच से आगे निकलकर अब देश समग्र सरकारी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है। इसलिए हमने जनधन, आधार और मोबाइल की ट्रिनिटी को डायरेक्ट गवर्नेंस का माध्यम बनाना तय किया। मोबाइल गरीब से गरीब परिवार की भी पहुंच में हो, इसके लिए हमनें देश में ही मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि 2014 में जब हम आए तो हमने सबका साथ सबका विकास और इसके लिए टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग को अपनी प्राथमिकता बनाया। इसके लिए जरूरी था कि देश के करोड़ों लोग आपस में जुड़ें, सरकार से भी जुड़ें और सरकार की सभी इकाइयां भी एक प्रकार से एक ऑर्गेनिक इकाई बनाकर आगे बढ़ें। आज हम देश में फोन घनत्व और इंटरनेट यूजर्स के मामले में दुनिया में सबसे तेजी से विस्तार कर रहे हैं तो उसमें टेलीकॉम समेत कई सेक्टर्स की भूमिका रही है

Originally Published At- AmarUjala