पीएम मोदी की गर्जना, बुंदेलखंड की धरती से आत्मनिर्भर बनेगा कृषि सेक्टर

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कोरोना महामारी ने सब के काम में एक तरह से ब्रेक लगा दिया है, लेकिन बस मोदी सरकार एक ऐसी सरकार है जो लगातार इस काल में भी विकास की गंगा बहाने की जुगत में लगी हुई है। इसका असर ये है कि इसके चलते देश में तेजी से काम हो रहा है। सीमाओं पर सड़क के निर्माण हो रहे हैं तो अटके लटके काम भी या तो पूरे हो गये हैं या फिर काम खत्म के करीब है। आपदा से अवसर, आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया के जरिए देश को पहले जैसी रफ्तार देने की कोशिश लगातार जारी है। इस कड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी झांसी स्थित केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय  के कॉलेज व प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया।

 ‘मेरी झांसी, आत्मनिर्भर भारत को बनाने में प्रमुख भूमिका निभाएगी’

बुंदेलखंड वो धरती जहां हमेशा युग परिवर्तन का इतिहास लिखा गया है हर वो आयाम को छुआ गया है जो असंभव सा लगता था। वो धरती जहां कि महारानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजो को बता दिया था, कि इस धरती की महिलाओं में वो जोश है जो कठिन से कठिन कामों को पूरा कर सकता है। ऐसे ही धरती से पीएम मोदी ने एक बार फिर से गर्जना की और लोगों से आवाहन किया, जिस तरह से  ‘रानी लक्ष्मी बाई ने कभी बुंदेलखंड की धरती पर गर्जना की थी कि मैं मेरी झांसी नहीं दूंगी। आज बुंदेलखंड की धरती से इस गर्जना की आवश्यकता है कि मेरी झांसी, आत्मनिर्भर भारत को बनाने में प्रमुख भूमिका निभाएगी। हम पूरी ताकत लगा देंगे भारत को आत्मनिर्भर बनाने में और ये काम करने में इस धरती का योगदान सबसे ज्यादा होगा।

गांव के पास ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज बीज से लेकर बाजार तक खेती को तकनीक से जोड़ने का, आधुनिक रिसर्च के फायदों को जोड़ने का निरंतर काम किया जा रहा है। इसमें बहुत बड़ी भूमिका रिसर्च संस्थानों और कृषि विश्वविद्यालयों की भी है। ‘उन्होंने कहा, ‘कृषि में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य किसानों को एक उत्पादक के साथ ही उद्यमी बनाने का भी है। जब किसान और खेती, उद्योग के रूप में आगे बढ़ेगी तो बड़े स्तर पर गांव में और गांव के पास ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार होंगे। इसके साथ साथ जब हम कृषि में आत्मनिर्भरता की बात करते हैं तो ये सिर्फ खाद्यान्न तक ही सीमित नहीं है। ये गांव की पूरी अर्थव्यवस्था की आत्मनिर्भरता की बात है। ये देश में खेती से पैदा होने वाले उत्पादों में वैल्यू एडिशन करके देश और दुनिया के बाजारों में पहुंचाने का मिशन है। इसके साथ साथ पीएम मोदी ने तीन और राष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना की जिससे छात्र-छात्राओं को नए मौके देने के साथ स्थानीय किसानों तक तकनीक का ज्ञान पहुंचाने और उनकी क्षमता बढ़ाने का काम होगा भी है।

भारत कृषि सेक्टर में काफी नये आयाम छू चुका है, लेकिन जिस तरह से मोदी सरकार किसानो और किसानो की आमदनी बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उससे ये साफ महसूस किया जा सकता है, कि मोदी राज में कृषि सेक्टर को एक नया रूप मिल रहा है। जिससे उनकी आय तो बढ़ रही है, बल्कि देश भी आत्मनिर्भर बन रहा है।


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