अधिकारियों संग पीएम मोदी ने की बैठक, वेंटिलेटरों के इस्तेमाल नहीं होने पर हुए खफा

कोरोना आपदा से निपटने के लिए पीएम मोदी फुल एक्शन में दिख रहे है जिसके चलते लगातार वो अधिकारियों राज्यों के सीएम से वार्ता करके हल निकालने में लगे है इस क्रम में पीएम मोदी ने कोरोना आपदा को लेकर एक फिर समीक्षा वैठक की जिसमें कई विभाग के अधिकारियों से उन्होने सीधे बात की। इस दौरान पीएम मोदी ने गांवों में घर घर जाकर सर्वे और टेस्ट कराने का आदेश दिया तो वही वेंटिलटरों का इस्तेमाल नहीं होने पर भी नाराजगी भी जताई है।

गांवों में घर-घर जाकर टेस्टिंग और निगरानी के दिये निर्देश

प्रधानमंत्री ने घर-घर जाकर जांच और निगरानी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संसाधनों को बढ़ाने के लिए आदेश दिया है उन्होंने सभी आवश्यक उपकरणों के साथ आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने के बारे में भी बताया। पीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों में होम आइसोलेशन और इलाज के लिए दृष्टांतों के साथ-साथ आसान भाषा में दिशानिर्देश उपलब्ध कराने को कहा है। बैठक के दौरान अधिकारियों ने कोविड की राज्य और जिला स्तर की स्थिति, परीक्षण, ऑक्सीजन की उपलब्धता, स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे, टीकाकरण रोडमैप पर भी चर्चा की। पीएम ने कहा कि राज्यों को अपने प्रयासों पर प्रतिकूल प्रभाव दिखाने के दबाव के बिना पारदर्शी तरीके से अपनी संख्या की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके साथ गांवो में ऑक्सीजन की कमी ना हो इसके लिए विशेष रणनीति तैयार की गई।

 

वेंटिलेटरों का इस्तेमाल नहीं होने पर जताई नराजगी

वही दूसरी तरफ कई राज्यो से पीएम केयर्स फंड के तहत दिए गये वेंटिलेटर को अभी तक नही लगाये जाने से पीएम खफा दिखे उन्होने साफ शब्दों को अधिकारियों को आदेश दिया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए वेंटिलेटर की स्थापना और संचालन का तत्काल ऑडिट किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि आवश्यक हो तो स्वास्थ्य कर्मियों को वेंटिलेटर के ठीक से संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। गौरतलब है कि कई राज्यो से वेंटिलेटर सिर्फ इस लिये काम नही कर रहे है क्योकि अश्पताल में इन्हे चलाने वाले प्रशिक्षित लोग ही नहीं है जिससे कई अस्पताल में वेंटिलेटर धूल फांकते रहे है।

एक तरफ केंद्र की मुस्तैदी अब जमीन पर दिख रही है तभी कई राज्यो में आज ऑक्सीजन और दवाइयों की मारामारी कम हुई है दूसरी तरफ कोरोना वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे है जिससे कोरोना पर काबू पाया जा सके।