धरती से अंबर तक होगी पीएम मोदी की अभेद्य सुरक्षा

भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री अब ‘एयर इंडिया वन’  से देश-विदेश की यात्रा करेंगे। ये वीआईपी एयरक्राफ्ट आज अमेरिका से भारत पहुंच रहा हैं। इन विमानों के लिए भारत ने 2018 में बोईंग कंपनी से डील की थी। विमानों को कस्टमाइज करने का काम अमेरिका में किया गया। सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से बदलाव किया गया। भारत को मिलने वाले इस विमान का नाम Air India One रखा गया है।

क्या है खासियत?

इन दोनों विमानों की खासियत भी आपको हैरान कर देगी। बी777 विमानों में अत्याधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली होंगी जिन्हें लार्ज एयरक्राफ्ट इंफ्रारेड काउंटरमेजर्स (एलएआईआरसीएम) और सेल्फ प्रोटेक्शन सूट्स (एसपीएस) कहा जाता है। फरवरी में, अमेरिका ने भारत को यह दो रक्षा प्रणालियां 19 करोड़ डॉलर की कीमत पर बेचने की सहमति दी थी। दोनों विमानों में सुरक्षा के ऐसे उपकरण लगाए जा रहे हैं जो बड़े से बड़े हमले को नाकाम कर सकती है। यहां तक की इस विमान पर मिसाइल अटैक को भी कोई असर नहीं होगा और यह हमला करने में भी सक्षम होगा। वर्तमान में, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति एअर इंडिया के बी747 विमानों से यात्रा करते हैं, जिनपर एयर इंडिया वन का चिह्न होता है।

एयर इंडिया वन के चालक पहनेंगे खादी के कपड़े

एयर इंडिया वन के चालक दल के सदस्य जल्द ही खादी के पोशाक पहनेंगे। इससे देश में बने इस कपड़े को प्रचारित किया जा सकेगा। एयर इंडिया वन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उप-राष्ट्रपति का आधिकारिक विमान है। खादी एवं ग्राम उद्योग आयोग के तहत आने वाले खादी ग्रामोद्योग भवन को इस संबंध में एक आदेश प्राप्त हुआ है। आदेश में कहा गया कि चालक दल की महिला सदस्य रेशम की साड़ी पहनेंगी जबकि पुरुष सदस्य खादी के बने जोधपुरी बंद गला कोट, पतलून और जैकट पहनेंगे।

केवल अमेरिकी राष्ट्रपति के पास ऐसा विमान

अमेरिकी राष्ट्रपति जिस विमान से सफर करते हैं, उसे एयरफोर्स वन कहा जाता है। 1943 में सोचा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा के लिए एक खास विमान होना चाहिए। उस समय अमेरिकी सेना और एयरफोर्स ने एक सी-54 स्कायमास्टर को प्रेसिडेंशियल यूज के लिए तब्दील कर दिया। पहली बार फरवरी 1945 में उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने इस विमान से यात्रा की। उनके बाद के राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन ने भी 2 साल तक इसका इस्तेमाल किया। इसके बाद इसमे कई तब्दीली की गई और लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति इसका उपयोग करते रहे।

मोदी जी ने जिस तरह से आतंक पर काबू पाया है उससे आंतकियों में घोर निराशा है और वो इसका बदला लेने के लिये पीएम मोदी को निशाना बना सकते है। इस बात को ध्यान में रखकर ही इस तरह की सुरक्षा अब पीएम मोदी को मिलेगी जिससे आतंकी आसमान में भी अपने गलत मंसूबों में कामयाब न हो सके।