नये साल में पीएम मोदी का 5 लाख रूपये वाला घर का तोहफा

नये साल के पहले ही दिन पीएम मोदी ने उन लोगो को नये साल का गिफ्ट दिया जो हर साल अपने घर का सपना देखते आये है। छह राज्‍यों में ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज इंडिया के तहत लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स का तोहफा दिया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आज नए संकल्पों के साथ तेज गति से आगे बढ़ने का शुभारंभ है। ये 6 प्रोजेक्ट वाकई लाइट हाउस यानी प्रकाश स्तंभ की तरह हैं। ये 6 प्रोजेक्ट देश में हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को नई दिशा दिखाएंगे।

काम के तौर-तरीकों का उत्तम उदाहरण है लाइट हाउस प्रोजेक्ट

पीएम मोदी ने कहा कि ये लाइट हाउस प्रोजेक्ट अब देश के काम करने के तौर-तरीकों का उत्तम उदाहरण है। हमें इसके पीछे बड़े विजन को भी समझना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि एक समय आवास योजनाएं केंद्र सरकारों की प्राथमिकता में उतनी नहीं थी, जितनी होनी चाहिए। सरकार घर निर्माण की बारिकियों और क्वालिटी में नहीं जाती थी। पीएम ने कहा कि पिछले साल कोरोना संकट के दौरान ही एक और बड़ा कदम भी उठाया गया है ये कदम है एफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कांम्पलेक्स। इस योजना का लक्ष्य हमारे वो श्रमिक साथी हैं जो एक राज्य से दूसरे राज्य या गांव से शहर आते हैं। पीएम आवास योजना के अंतर्गत लाखों बनाए गए घर पर नजर डालें तो इनोवेशन और इंप्लीमेंटेशन दोनों पर फोकस मिलेगा।

 मध्यमवर्गीय परिवार में लौटा अपने घर का भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बहुत ही कम समय में लाखों घर बना कर दिए जा चुके हैं, लाखों घरों का निर्माण जारी भी है। पीएम मोदी ने कहा कि शहर में रहने वाले गरीब हों या मध्यम वर्ग, इन सबका सबसे बड़ा सपना होता है, अपना घर। वो घर जिसमें उनकी खुशियां, सुख-दुख, बच्चों की परवरिश जुड़ी होती हैं। लेकिन बीते वर्षों में लोगों का अपने घर को लेकर भरोसा टूटता जा रहा था। पीएम ने कहा कि आज मुझे संतोष है कि बीते 6 वर्षों में जो कदम उठाये गए हैं उसने एक सामान्य आदमी का, खासकर मेहनतकश मध्यमवर्गीय परिवार का यह भरोसा लौटाया है कि उसका भी अपना घर हो सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में ही आधुनिक हाउसिंग तकनीक से जुड़ी रिसर्च और स्टार्टअप्स को प्रमोट करने के लिए आशा इंडिया प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से भारत में ही 21वीं सदी के घरों के निर्माण की नई और सस्ती तकनीक विकसित की जाएगी। पीएम ने कहा कि ये प्रोजेक्ट आधुनिक तकनीक और इनोवेटिव प्रोसेस से बनेंगे। इसमें कंस्ट्रक्शन का समय कम होगा और गरीबों के लिए ज्यादा Affordable और कम्फ़र्टेबल घर तैयार होंगे।

पौने पांच लाख रुपये में मिलेगा घर

दरअसल हरित निर्माण तकनीक का उपयोग कर शहरी गरीबों को छत मुहैया करने संबंधी एलएचपी प्रोजेक्ट के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए मकान बनाए जा रहे हैं। इसके तहत शहरी गरीबों (ईडब्ल्यूएस) को सिर्फ पौने पांच लाख रुपये में 415 वर्ग फीट के फ्लैट सौंपे जाएंगे।जानकारी के मुताबिक, घरों की कीमत 12.59 लाख रुपये है, जिसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की तरफ से 7.83 लाख रुपये अनुदान के तौर पर दिए जाएंगे। बाकी 4.76 लाख रुपये लाभार्थियों को देने होंगे। फ्लैट का आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना के अनुसार होगा।

मोदी सरकार के काम करने के तरीके से ये साफ हो गया है कि सिर्फ साल बदला है लेकिन सरकार की काम करने की स्पीड वही पुरानी यानी फुल स्पीड में है और हो भी क्यो न आखिर पीएम मोदी ने नये भारत का जो संकल्प ले रहा है।