पीएम मोदी का यूरोप दौरा, 3 दिन में 25 बैठकें और 8 वर्ल्ड लीडर्स के साथ मुलाकात

पीएम नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय यूरोप यात्रा के दौरान 25 व्यस्त कार्यक्रम होंगे तो पीएम मोदी 3 देशों जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस का दौरा करेंगे। पीएम मोदी इन देशों में लगभग 65 घंटे बिताएंगे। 25 कार्यक्रमों में पीएम मोदी 8 विश्व नेताओं से मिलेंगे और 50 बिजनेस हेड्स के साथ बैठक करेंगे। पीएम की इस खास यात्रा से देश को क्या फायदा होगा इस बाबात आज हम आपको बतायेंगे क्योकि बहुत लोग ये आरोप लगाते है कि पीएम मोदी विदेश सिर्फ घूमने जाते है। तो चलिये आपको बताते है कि इस यात्रा से देश को क्या फायदा होने वाला है।

 

जर्मन कंपनियां भारत में बढ़ाएंगी निवेश

मोदी ने बर्लिन पहुंचने पर ट्वीट किया, ‘बर्लिन पहुंच गया। आज मैं चांसलर ओलाफ शॉल्ज से बातचीत करूंगा और कारोबारी दिग्गजों से मुलाकात करूंगा। मुझे पूरा विश्वास है कि इस यात्रा से भारत और जर्मनी के बीच मित्रता प्रगाढ़ होगी।’ कारोबारियों से पीएम मोदी की मुलाकात के बाद जर्मन कंपनियां भारत में निवेश बढ़ा सकती है। बता दें कि जर्मनी, भारत में सबसे ज्यादा विदेशी निवेश करने वाला 7वां बड़ा देश है और वर्तमान समय में 1700 से अधिक जर्मन कंपनियां भारत में कारोबार कर रही हैं। साल 2021-22 की तीन तिमाही में जर्मनी ने भारत में 4,326 करोड़ रुपये का निवेश किया।

फ्रांस से रक्षा-व्यापार पर जोर

पीएम मोदी का फ्रांस दौरे के दौरान मेन फोकस रक्षा सहयोग और व्यापार पर रहेगा। फ्रांस में पीएम मोदी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे और रक्षा व सुरक्षा पर बातचीत करेंगे। बता दें कि रक्षा क्षेत्र में भारत और फ्रांस के बीच रिश्ते काफी पुराने हैं। फ्रांस जगुआर और मिराज-2000 लड़ाकू विमान भारत को देता रहा है। इसके अलावा उन्नत लड़ाकू विमान राफेल भी भारत के पास पहुंच चुका है।

मजबूत होंगे भारत-डेनमार्क के रिश्ते

भारत के रिश्ते डेनमार्क के साथ बेहद करीबी रहे हैं और पीएम मोदी के इस दौरे के बाद भारत-डेनमार्क के रिश्ते और मजबूत होंगे। डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडरिक्सन ने भारत दौरे के दौरान पीएम मोदी को दूसरे नार्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था। डेनमार्क में प्रधानमंत्री मोदी अपनी समकक्ष मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ चर्चा करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के नेताओं को डेनमार्क के साथ भारत के ‘हरित सामरिक गठजोड़’ में हुई प्रगति की समीक्षा करने का अवसर मिलेगा. इसके अलावा दोनों नेता द्विपक्षीय संबंध एवं अन्य मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।

मतलब साफ है कि पीएम मोदी अपनी यात्रा के दौरान भारत में कैसे आऱ्थिक निवेश बढ़ सके तो रक्षा के सेक्टर में मजबूत बनाया जा सके। इसके लिये काम करेंगे| यहां ये भी गौर करने वाली बात होगी कि पीएम मोदी रूस यूक्रेन जंग के बीच यूरोप गये हुए है। जबकि जंग को लेकर भारत अपना रूख पहले ही साफ कर चुका है और आपसी बातचीत से मसले का हल निकालने को बोल चुका है। ऐसे में कयास यही लगया जा रहा है कि जंग की छाया पीएम मोदी की यात्रा पर नहीं पड़ने वाली है और भारत में तेजी से विदेशी निवेश का माहौल और बनने में एक बड़ी कमयाबी इस दौरे से मिलेगी।

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