रिकार्ड वैक्सीनेशन के बाद भी नुक्ता चीनी निकालने वाले विपक्ष के तंज को पीएम मोदी का करारा जवाब

पीएम मोदी के जन्मदिन पर 2.5 करोड़ वैक्सीनेशन का रिकार्ड देश में बना लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोगों ने इस ऐतिहासिक रिकार्ड की तारीफ नहीं की बल्कि इसपर तंज कसा और उस तंज पर पीएम मोदी ने ऐसी ऐसी चुटकी ली कि उनके विरोधी हमेशा याद रखेंगे। आइये जानते है कि आखिर कैसे पीएम ने अपने विरोधियो पर निशाना साधा।

रिकार्ड वैक्सीनेशन के बाद एक सियासी दल को बुखार आ गया है

पीएम मोदी ने गोवा के डॉक्टर्स से सवाल पूछा कि जिन लोगों ने वैक्सीन लगवाई है, उनका क्या रिएक्शन रहा है। उन्होंने कहा, ‘न मैं वैज्ञानिक हूं और न डॉक्टर हूं, लेकिन सुना है कि वैक्सीन लेने वाले कुछ लोगों में रिएक्शन होता है, बुखार आता है, बहुत ज्यादा बुखार चढ़ जाए तो मानसिक संतुलन भी चला जाता है.’पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘ मैं ये जानना चाहता हूं कि कल यानी 17 सितंबर को पूरे देश में स्वास्थ्य विभाग के साथियों ने और फ्रंटलाइन पर काम करने वाले लोगों ने 2.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई, उनमें में से किसी को रिएक्शन हुआ हो, ये तो समझ आता है लेकिन ये मैं पहली बार सुन रहा हूं, कि जिन 2.5 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगा उनके अलावा एक राजनीतिक पार्टी को भी रिएक्शन हुआ है, उन्हें बुखार चढ़ गया है, इसका कोई लॉजिक हो सकता है क्या?’ पीएम मोदी का ये सवाल सीधे सीधे विपक्ष पर था जो कल तक वैक्सीनेशन की गति धीमी बता रहा था जबकि अब जब रिकार्ड टीकाकरण हो रहा है तभी उस पर नुक्ता चीनी निकालने में जुटा हुआ है।

फोन पर पीएम को सुनने को मिला- तुम आज भी नहीं सुधरे हो…

पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन का एक किस्सा बताते हुए कहा, ‘मैंने एक अपने एक पुराने और वृद्ध जानकार व्यक्ति को फोन लगाया और कहा कि आज मेरा जन्मदिन है, मुझे अपना आशीर्वाद दीजिए। इस पर उन्होंने पूछा कि कितने साल के हो गए हो, मैं कहा कि अभी मेरा 30 साल बाकी है, इस पर वो हंस पड़े और कहा तुम अभी भी सुधरे नहीं हो। बचपन में जैसा करते थे वैसे ही अभी भी कर रहे हो।’ उन्होंने एक शशिकांत भगत नाम के वॉरियर से बात करते हुए कहा कि आप भी अपना जन्मदिन 75 वर्ष मत बताइए, बल्कि ये कहिए कि अभी 25 बाकी है। पीएम मोदी की यही सरलता तो लोगों के दिल में जगह बनाती है और पीएम मोदी को जनता अपना पीएम नही बल्कि साथी समझता है।

गोवा में पीएम मोदी ने एक तरफ तो डॉक्टर्स, हेल्थकेयर वर्कर्स और कोविड वैक्सीन के लाभार्थियों से बातचीत करके उनका हौसला बढ़ा तो दूसरी तरफ विपक्ष को भी ये सीख दे डाली कि अच्छे काम में नुक्ताचीनी निकाला जायेगा तो सरकार चुप नहीं बैठेगी।